चार घंटे ही खुले रहे मंदिरों के पट, मास्क लगाकर पहुंचे, बेल पत्र व फूल चढ़ाकर किया जलाभिषेक
सावन के आखिरी सोमवार को शिवालयों में पूजा-अर्चना व जलाभिषेक के लिए भक्तों की भीड़ लगी रही। इस दौरान कोरोना काल के चलते सोशल डिस्टेंसिंग और जरूरी एहतियात का खास ख्याल रखा गया। शहर के सीताराम शिवालय, शंकर देवालय और शिव मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और लाइन में लगकर जलाभिषेक किया।
टेंपल कमेटी और जिला प्रशासन द्वारा जारी की गई कोविड-19 की गाइडलाइन का पालन करते हुए श्रद्धालुओं को सोशल लोगों का पालन कराया गया। बिना मास्क के श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रवेश नहीं दिया गया। लागों ने इसका पालन किया और मंदिरों में जाकर पूजा-पाठ किया। गौरतलब है कि जिला प्रशासन द्वारा 31 जुलाई से लेकर 6 अगस्त तक लगाए गए लॉकडाउन के बीच लोगों को पूजा-पाठ के लिए केवल 4 घंटे का समय दिया गया है। सोमवार को भी प्रशासन ने केवल सुबह 6 से 10 बजे तक का समय दिया था, जिसकी जानकारी काफी कम लोगों को थी। इस दौरान मंदिर के पट बंद होने से लोगों ने बाहर से खड़े होकर पूजा-पाठ और जलाभिषेक किया। शहर से करीब 24 किमी दूर देवड़ा में भी श्रद्धालुओं ने पूजा कर दान किया।
कई भक्तों ने घरों में ही किया रुद्राभिषेक
सावन के आखिरी सोमवार को कई भक्तों ने घरों में रुद्राभिषेक किया। पार्थिव शिवलिंग की पूजा कर उनका दूध, दही, घी, जल, शहद से अभिषेक किया गया। मान्यता है कि रुद्राभिषेक या पार्थिव पूजन से सारी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इसे लेकर कई लोगों ने अपने घरों में रुद्राभिषेक किया और विधि विधान से पूजा-पाठ किया।
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