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बड़े पनेड़ा के जंगल में दफनाया संक्रमित जवान का शव, ग्रामीणों ने जताई आपत्ति

जगदलपुर मेडिकल कॉलेज स्थित कोविड-19 अस्पताल में भर्ती कोरोना संक्रमित सीआरपीएफ के जवान की शनिवार को मौत हो गई। जवान सीआरपीएफ 199 बटालियन फुंडरी में पदस्थ थे। जवान के शव को अंतिम संस्कार के लिए शनिवार देर शाम दंतेवाड़ा लाया गया। टीम घोटपाल गई, लेकिन यहां ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा। लेकिन बाद में इसे रातों-रात बड़े पनेड़ा के जंगल में डैम के किनारे दफना दिया गया। लापरवाही की हद तब हो गई जब ग्लव्स, मास्क, सैनिटाइजर की खाली बोटल को डिस्पोज करने की बजाए मुख्य सड़क के किनारे फेंक दिया। जब गांवों में बात फैलने लगी तो बड़े पनेड़ा ही नहीं बल्कि इसके पड़ोसी गांवों में सुबह से दहशत रही।
इधर बड़े पनेड़ा सहित वाहनपुर, कुंडोली, बागमुंडी पनेड़ा, मड़से, जावंगा, हाउरनार, गुमडा सहित 8 गांवों के सरपंच, पंच, ग्रामीण एकजुट हुए। बैठक रखी और नाराजगी जताई। आदिवासी समाज के जिला सचिव बोमड़ाराम कोवासी ने कहा कि रातों-रात पंचायत को बिना सूचना दिए शव को दफनाना सरासर गलत है। गांव में शव दफनाने मरघट होते हैं। यहां-वहां शव को नहीं दफना सकते।

विरोध नहीं है, सूचना नहीं देने पर आपत्ति: बड़े पनेड़ा के सरपंच रामलाल वेक ने कहा जहां शव को दफनाया वहां ग्रामीण लकड़ियां चुनने, गायें चराने जाते हैं। विरोध नहीं है, सूचना नहीं देने पर आपत्ति है। बैठक में बागमुंडी सरपंच चमरा राम, कंडोली सरपंच श्यामलाल, वाहनपुर के पंच पायको राम,जावंगा उपसरपंच बुधराम, जनपद पंचायत सदस्य श्यामलाल आदि थे।

  • सीआरपीएफ जवान के शव को बड़े पनेडा में दफनाने से गांवों के लोग दहशत में हैं।
  • इस बारे में आपके माध्यम से ही जानकारी मिल रही है। यही कहूंगा कि कोई भी दहशत में न आएं, ऐसे मामलों में सहयोग करें। सभी की सुरक्षा को ध्यान में रख नियमतः कोरोना से जुड़े काम हो रहे हैं।
  • आरोप है कि शव दफनाने से पहले ग्राम पंचायत को सूचना नहीं दी गई?
  • देर शाम डिमरापाल से शव पहुंचा। एसओपी के मुताबिक शव को आबादी से दूर जंगल की जमीन में दफनाया गया है। पहले से अगर सूचना दी गई होती तो ग्रामीणों की भीड़ जुटती, लोग मृतक के संपर्क में आते, जिससे खतरा ज्यादा रहता। शव को दफनाने से पहले सारे नियम का पालन हुआ है, ऐसे में कोरोना नहीं फैलता। ग्रामीण दहशत में न आएं।
  • कोरोना से मृत होने वाले मरीजों को दफनाने दंतेवाड़ा में जगह चिन्हांकित हुई है?
  • एक ही जगह शवों को नहीं दफनाया जा सकता। ज़िले में 4-5 अलग- अलग जगहों के चिन्हांकन की कार्यवाही चल रही है। सम्बंधित तहसीलदारों को इसके लिए निर्देश दे दिए गए हैं। ग्रामीणों से सहयोग की अपील है।


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The dead body of an infected soldier buried in a large Paneda forest, villagers objected


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