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पहले दिन आंगनबाड़ियां रहीं सूनी, पालकों ने बच्चों को नहीं भेजा

कोरोना संक्रमण के कारण पिछले 6 महीने से बंद पड़ी आंगनबाड़ियाें को 7 सितंबर से शासन ने खोलने का आदेश दिया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ के अलावा पालक भी फिलहाल आंगनबाड़ियाें को खोलने का विरोध कर रहे थे। पहले दिन आंगनबाड़ियां तो खुली लेकिन बच्चे नहीं पहुंचे। कार्यकर्ता तथा सहायिका बच्चों के घर घर पहुंची तथा केंद्र खुलने की सूचना दी लेकिन कोरोना संक्रमण के कारण पालकों ने बच्चों को भेजने से इंकार कर दिया।
शहर के प्राय: आंगनबाडिय़ों में पहले दिन बच्चे नहीं पहुंचे। भंडारीपारा नदीपारा आंगनबाड़ी केंद्र में 10 बच्चे हैं लेकिन निर्धारित समय तक एक भी बच्चा नहीं पहुंचा। कार्यकर्ता तथा सहायिका ने घर घर पहुंच पालकों को केंद्र खुलने की जानकारी दी लेकिन पालकों ने बच्चों को नहीं भेजा। शीतलापारा मंदिर के पास आंगनबाड़ी केंद्र में 15 बच्चे हैं लेकिन पहले दिन यहां भी एक भी बच्चा नहीं पहुंचा। गर्भवती माताओं को भी पूरक पोषण आहार देने बुलाया गया था लेकिन कोई गर्भवती माता भी नहीं पहुंची। कंकालिनपारा आंगनबाड़ी केंद्र एक में 15 बच्चे हैं लेकिन यहां भी एक भी बच्चा नहीं पहुंचा। कार्यकर्ता-सहायिका ने पालकों से संपर्क किया लेकिन पालकों ने भेजने से इंकार कर दिया। माहुरबंदपारा के दोनों आंगनबाड़ी केंद्र में एक भी बच्चा नहीं पहुंचा। एमजी वार्ड नदिया पारा केंद्र में भी कोई बच्चा नहीं पहुंचा। शहर में 42 आंगनबाड़ी केंद्र हैं जिसमें से पहले दिन मात्र 23 आंगनबाड़ी केंद्र ही खुले। शेष 19 आंगनबाडिय़ों को तो वहां के पार्षदों ने खुलने ही नहीं दिया।

अभी अभिभावक बच्चों को भेजना नहीं चाहते
भंडारीपारा के देवेश यादव ने कहा उनकी बेटी भी आंगनबाड़ी जाती है लेकिन अभी कोरोना संक्रमण का खतरा होने के कारण वे अपनी बच्ची को आंगनबाड़ी नहीं भेज रहे हैं। शांतिनगर की कामिनी वर्मा ने कहा अभी आंगनबाड़ी केंद्र खोलना उचित नहीं है क्योंकि शहर में कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ता जा रहा है।

आकस्मिक व्यय से खरीद सकते हैं सैनिटाइजर साबुन
जिला महिला बाल एवं बाल विकास अधिकारी सीएस मिश्रा ने कहा पालकों पर बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्र भेजने किसी प्रकार का दबाव नहीं है। कार्यकर्ता तथा सहायिका घर घर जाकर सूचना जरूर दे रहे हैं। आकस्मिक व्यय की राशि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के पास होती है जिससे सेनीटाईजर, मास्क, साबुन खरीद सकते हैं।

कुछ बच्चे पहुंचे लेकिन थोड़ी देर में वापस ले गए पालक : राजापारा आवासपारा के आंगनबाड़ी केंद्र में 2 बच्चे पहुंचे, राजापारा नदीपारा केंद्र में चार बच्चे पहुंचे। एमजी वार्ड देवारपारा केंद्र में 5 बच्चे पहुंचे। कुछ देर बाद ही इनमें से प्राय: बच्चों के पालक केंद्र पहुंचे तथा बच्चों को घर ले गए।



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Anganwadis were listened on the first day, parents did not send children


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