Here we are going to provide you all types of all hindi news ,live news ,Bbc Hindi news ,Ndtv hindi news ,Aaj Tak news, watch live tv coverage ,latest khabar ,breaking news ,world ,sports ,bussiness, films so visit to our website and get all the news

Breaking News

हिंदी माध्यम स्कूल के बच्चों को थमा रहे टीसी, कहा- ये इंग्लिश स्कूल हो गया

कोरोनाकाल में बच्चों की पढ़ाई को लेकर परिजनों का सिर दर्द तो बढ़ा हुआ ही है, अब गीदम की बालक प्राथमिक व कन्या माध्यमिक स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के परिजनों को बुलाकर टीसी थमाने की बात पर एक नया बवाल खड़ा हो गया है। 3 दिनों से इस मामले में बवाल चल रहा है और परिजन स्कूल प्रबंधन के प्रति गहरी नाराजगी भी जता रहे हैं। हिंदी माध्यम के ये दोनों स्कूल अंग्रेज़ी माध्यम में कब बदल गए खुद परिजन तक को पता नहीं चला। अब हिंदी मीडियम के बच्चों को टीसी देने की बात आई तो परिजनों ने आपत्ति जताई।
दरअसल साल 2016-17 को ज़िले के चारों ब्लॉक से एक स्कूल को अंग्रेज़ी माध्यम का स्कूल बनाने के आदेश थे। गीदम की सबसे पुराने स्कूल बालक प्राथमिक व कन्या माध्यमिक स्कूल का चयन हुआ था। लेकिन नियमों के मुताबिक शिक्षकों ने काम नहीं किया और अब कोरोना के बीच जब इस शैक्षणिक सत्र को 3 महीना गुज़र गया तब यहां के शिक्षक स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के परिजनों को टीसी थमाने बुला रहे हैं तब इसका खुलासा हुआ। बड़ी बात ये है कि अंग्रेज़ी माध्यम का दर्जा मिलने के 3 साल बाद भी एडमिशन के बारे में खुद अफसरों ने कभी जानने की कोशिश तक नहीं की। परिजनों ने बताया कि शहर के सबसे पुराने स्कूल कब इंग्लिश मीडियम में बदल गया पता ही नहीं चला। शिक्षक सभी को फोन कर कह रहे कि बच्चों की टीसी ले जाओ।

जानिए यहां इतने बच्चे पढ़ रहे
हिंदी मीडियम

  • मिडिल स्कूल - 150 बच्चे
  • प्राइमरी स्कूल - 75 बच्चे
  • इंग्लिश मीडियम - 50 बच्चे

एक विकल्प ये भी हो सकता है
एक ही कैम्पस में कन्या प्राथमिक व माध्यमिक स्कूल व बालक प्राथमिक व माध्यमिक स्कूल संचालित था। 3 साल पहले बालक व कन्या प्राथमिक स्कूल और बालक व कन्या माध्यमिक स्कूल को मर्ज कर दिया गया था। बालक स्कूल का दो भवन खाली पड़ा है। ऐसे में बच्चों को टीसी थमाने की बजाय इसी कैम्पस में हिंदी व अंग्रेज़ी मीडियम की दो अलग- अलग स्कूल का विकल्प निकाला जा सकता है।

सीधी बात
शेख रफीक, बीईओ गीदम

सवाल- गीदम के अंग्रेज़ी माध्यम बने प्राथमिक व माध्यमिक स्कूल में बवाल की स्थिति है,आपको इसकी जानकारी है?
-साल 2016-17 को ये दोनों स्कूल अंग्रेज़ी माध्यम स्कूल बनाए गए थे। शिक्षकों को निर्देश थे कि कक्षा पहली और छठवीं के बच्चों का एडमिशन अंग्रेज़ी माध्यम स्कूल में ही लें। ताकि 3 सालों में हिंदी मीडियम के बच्चे पढ़कर निकल जाएं और फिर समस्या न हो। लेकिन शिक्षकों ने ऐसा नहीं किया।
सवाल- हिंदी मीडियम के बच्चों के परिजनों को बुलाकर टीसी दी जा रही है, कोरोनाकाल में अब बच्चे कहां जाएंगे?
-बच्चे शहर के आसपास के अन्य स्कूलों में एडमिशन ले सकते हैं, इसके अलावा भी समाधान निकालेंगे। इसके लिए शिक्षकों से बात करता हूं।
सवाल- परिजनों को भी इसकी खबर ही नहीं कि 3 साल पहले स्कूल इंग्लिश मीडियम का हो गया?
-शिक्षकों ने दिशा निर्देशों का पालन नहीं किया, उनकी गलती की वजह से ये समस्या हो रही है।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
TC is handing over the children of Hindi medium school, said- it has become English school


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3n0bTpw
via IFTTT

No comments