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रिपोर्ट पॉजिटिव आए और अस्पताल जाना हो तो एंबुलेंस का करें इंतजार, स्वयं न जाएं

सवाल : होम आइसोलेशन के लिए अनुमति लेने क्या करें?
जवाब : कोविड कंट्रोल रूम के डा राबिन चरण के अनुसार किसी की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आती है तथा किसी प्रकार का लक्षण नहीं है तो वह होम आइसोलेशन के लिए आवेदन कर सकता है। संबंधित व्यक्ति को सीधे अपने क्षेत्र के खंड चिकित्सा अधिकारी के मोबाइल नंबर या जिला कोविड कंट्रोल रूम के नंबर पर संपर्क कर सूचना देनी होगा। संबंधित व्यक्ति के घर तक स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंचेगी तथा जांच करेगी कि उनके घर में होम आइसोलेशन के प्रबंध हैं या नहीं। टीम पॉजिटिव व्यक्ति को होम आइसोलेशन की गाइडलाइन बताने के साथ ही दवा की किट भी प्रदान करते दवा किस प्रकार लेना है इसकी जानकारी देगी। एक फॉर्म भी दिया जाएगा जिसमें मरीज की सभी जानकारी भर कर देनी होगी। साथ ही टीम होम आइसोलेशन वाले डॉक्टरों के संपर्क नंबर उपलब्ध कराएगी जिस पर जरूरत के समय कॉल किया जा सकता है।

सवाल: कोरोना केयर सेंटर या अस्पताल जाने सरकारी एंबुलेंस नहीं आ रही है तो क्या करें?
जवाब : मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा जेएल उइके के अनुसार कोरोना जांच कराने के बाद रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर कोरोना कंट्रोल रूम से फोन आता है। उन्हें कोविड अस्पताल ले जाने सरकारी एंबुलेंस भेजी जाती है। इस पूरी प्रक्रिया में 24 से 48 घंटे लग सकते हैं। तब तक पॉजिटिव व्यक्ति को घर में ही आइसोलेट रहना चाहिए। अगर एंबुलेंस नहीं आती है तो अपने क्षेत्र के खंड चिकित्सा अधिकारी या कोविड कंट्रोल रूम में कॉल किया जा सकता है। इसके बाद एंबुलेंस भेजी जाएगी और अस्पताल में भर्ती किया जाएगा।

सवाल : रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद क्या अपने वाहन से अस्पताल जा सकते हैं?
जवाब : सिविल सर्जन डा आरसी ठाकुर के अनुसार अपने वाहन से सीधे कोविड असपताल पहुंचने पर संक्रमण का खतरा रहता है। इसलिए जरूरी है कि सरकारी एंबुलेंस से ही अस्पताल जाएं। एंबुलेंस के आते तक घर पर ही आइसोलेट रह कर एंबुलेंस का इंतजार करें। मरीजों के लिए अस्तपालों का आवंटन कंट्रोल रूम से होता है। इसलिए किस अस्पताल में बेड खाली है इसका पता मरीजों को नहीं रहता। फिर भी अस्पताल जाना जरूरी लग रहा है तो सारी रिपोर्ट लेकर खुद के वाहन से जाएं। हालांकि एेसा न ही करें तो बेहतर है।



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