सभी कर्मचारियों के लिए सम्पत्ति की घोषणा अनिवार्य होगी, एसीबी की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने दिए निर्देश
अखिल भारतीय सेवा, राज्य सेवा सहित राजपत्रित अधिकारियों की तरह अब राज्य सेवा के सभी कर्मचारियों के लिए संपत्ति की घोषणा करना अनिवार्य होने जा रहा है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मंगलवार को सीएमआर पर वीडियो कांफ्रेंस के जरिए एसीबी की समीक्षा के दौरान इसके निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि इससे सरकारी कामकाज में पारदर्शिता आएगी तथा आय से अधिक सम्पत्ति के मामलों को उजागर करने में एसीबी को मदद भी मिलेगी। गहलोत ने निर्देश दिए कि सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए मुख्य सतर्कता अधिकारी लगाने की व्यवस्था को पुख्ता बनाया जाए।
1064 हेल्पलाइन का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए
मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार के खिलाफ शिकायत के लिए एसीबी की हैल्पलाइन 1064 के अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश कि सभी सरकारी कार्यालयों में इस हैल्पलाइन की जानकारी देने वाले पोस्टर चस्पा किए जाएं। बैठक में बताया गया कि करीब तीन माह में ही इस हैल्पलाइन पर आय से अधिक सम्पत्ति, पद के दुरूपयोग तथा रिश्वत मांगने की 1107 शिकायतें प्राप्त हुई हैं।
इसके आधार पर ब्यूरो को ट्रेप की 25 कार्रवाई करने में भी सफलता मिली है। उन्होंने निर्देश दिए कि विभागीय स्तर पर अभियोजन स्वीकृति में देरी होने पर मुख्य सतर्कता आयुक्त के पास प्रकरण भेजने की व्यवस्था को स्थानीय निकायों के कार्मिकों के लिए भी लागू किया जाए।
मुख्य सचिव राजीव स्वरूप ने कहा कि राज्य सरकार ने एसीबी को बेहतर कामकाज के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने में कोई कमी नहीं रखी है। आय से अधिक संपत्ति के मामलों की तफ्तीश में सहयोग के लिए चार्टर्ड अकाउंटेंट के पैनल तथा विधिक सहयोग के लिए अति. राजकीय अधिवक्ता की नियुक्ति को भी मंजूरी दी गई है। एसीबी के महानिदेशक आलोक त्रिपाठी ने बताया कि पिछले करीब पौने दो साल में ट्रेप की 500 से अधिक कार्रवाई अंजाम दी है।
नामांतरण एवं राजस्व से जुड़े अन्य दस्तावेज ऑनलाइन करने की प्रक्रिया में तेजी लाएगी सरकार
सीएम ने प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने के दिए निर्देश
राजस्व रिकाॅर्ड ऑनलाइन करने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाएगी। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि सीमाज्ञान, नामांतरण एवं राजस्व से जुड़े अन्य दस्तावेज ऑनलाइन करने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए ताकि आम लोगों को ये आसानी से उपलब्ध हो सकें। उन्होंने नामांतरण की पूरी प्रक्रिया को पेपरलेस करने का काम जल्दी पूरा करने के निर्देश दिए ताकि काश्तकार ई-मित्र एवं मोबाइल एप ’धरा’ के माध्यम से आवेदन कर ऑनलाइन नामांतरण प्राप्त कर सकें।
उन्होंने पेपरलेस नामांतरण के लिए नियमों में संशोधन करने एवं राजस्व संबंधी कानूनों के सरलीकरण की प्रक्रिया में भी तेजी लाने को कहा। साथ ही राजस्व वादों के निस्तारण की व्यवस्था को सुदृढ़ करने एवं इसकी पर्याप्त माॅनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में राजस्व विभाग के अधीन आवंटन योग्य सरकारी भूमि का लैण्ड बैंक बनाने के निर्देश दिए ताकि राज्य स्तर पर आवंटन के लिए भूमि उपलब्ध हो सके। गहलोत ने कृषि रहन पोर्टल का काम भी जल्दी पूरा करने को कहा ताकि कृषि ऋण प्राप्ति की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन की जा सके।
उल्लेखनीय है कि इस पोर्टल के माध्यम से किसान कृषि ऋण के लिए किसी भी बैंक में ऑनलाइन आवेदन कर सकेगा। एग्रो फूड प्रोसेसिंग यूनिट लगाने के लिए किसानों को अपनी कृषि भूमि का रूपान्तरण करवाने की आवश्यकता नहीं है। किसानों को इसके बारे में जागरूक कर उन्हें अपनी जमीन पर खाद्य प्रसंस्करण इकाई लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जाए।
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