12.54 लाख की गद्दा खरीद में गड़बड़ी में लिप्त रहे पूर्व सीएमएचओ डॉ. बंसल को सेवानिवृत्ति के दिन चार्जशीट
नसबंदी शिविर के लिए गद्दा खरीद प्रकरण में पांच वर्ष पूर्व हुई 12.54 लाख रुपए की वित्तीय गड़बड़ी के मामले में पूर्व सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल को सेवानिवृत्ति के दिन 30 सितंबर को स्वास्थ्य विभाग ने चार्जशीट दी है। स्वास्थ्य विभाग ने दो अन्य कर्मियों कनिष्ठ सहायक अमित पूनिया और नर्स श्रेणी प्रथम रामकुमार सिहाग को भी चार्जशीट जारी की गई है। जयपुर से 30 सितंबर को दोपहर बाद चार्जशीट मिलने के बाद कार्यालय समय पूरा होने और डॉ. बसंल के सेवानिवृत्त
होने की वजह से उनके निवास पर जाकर चार्जशीट की तामील करवाने का प्रयास किया गया। लेकिन तामील नहीं हुई तो इसका नोटिस डॉ. नरेश बंसल के आवास पर चस्पा कर दिया गया। अमित पूनिया चुरु जिले और नर्स श्रेणी प्रथम रामकुमार सिहाग जिला अस्पताल में कार्यरत हैं। उनके चार्जशीट की सूचना संबंधित कार्यालयों को भेज दी गई है।
चार्जशीट पहले पीएमओ भेजने की कवायद, उच्चाधिकारियों के निर्देश पर रात को ही नोटिस
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त निदेशक (प्रशासन) ने 26 नवंबर 2019 काे अादेश जारी कर पीएचसी मिर्जेवाला के कनिष्ठ सहायक अमित पूनिया और जिला अस्पताल के नर्स रामकुमार सिहाग को स्वास्थ्य निदेशालय के लिए एपीओ करने के आदेश दिए थे। इसके बाद अमित पूनिया को चूरू जिले में लगा दिया गया। रामकुमार सिहाग फिलहाल कोर्ट के स्थगनादेश जिला अस्पताल में ही कार्यरत हैं। सीएमएचओ डॉ. गिरधारी लाल मेहरड़ा के अनुसार डॉ. बंसल जिला अस्तपताल में कार्यरत थे और 30 सितंबर को वहीं से सेवानिवृत्त हुए। चार्जशीट सीएमएचओ कार्यालय में भेजी गई। तब 30 सितंबर रात को ही डॉ. बंसल के निवास पर चार्जशीट से संबंधित नोटिस चस्पा करते हुए इसकी रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है।
डॉ. बंसल काे जारी चार्जशीट सीएमएचओ कार्यालय को मिली तो पहले उसे पीएमओ कार्यालय को भेजने की कवायद की की गई। वहां 30 सितंबर शाम को डॉ. बंसल सेवानिवृत्त हाे गए । पीएमओ कार्यालय ने सीएमएचओ को सूचना दी कि डॉ. बंसल की सेवानिवृत्ति के बाद कार्य मुक्त करने की औपचारिकता पूरी हो चुकी है। इसकी जानकारी जयपुर स्थित विभाग के उच्चाधिकारियों काे दी गई तो उन्होंने चार्जशीट की तामील न होने पर नाराजगी जाहिर की। तब सीएमएचओ कार्यालय के कर्मचारियों को डॉ. नरेश बंसल के घर भेज भेजकर चार्जशीट की तामील करवाने का प्रयास किया गया। चार्जशीट तामील नहीं हुई तो रात को नोटिस चस्पा कर सूचना देने की औपचारिकता पूरी कर उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी गई।
जांच में डॉ. बंसल सहित 6 की भूमिका मानी-जांच कमेटी में शामिल विशिष्ट शासन सचिव एवं आयुक्त चिकित्सा शिक्षा विभाग वीरेंद्र सिंह, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के उप शासन सचिव संजय कुमार और वित्तीय सलाहकार नोपाराम पारीक ने जांच रिपोर्ट में प्रकरण में उच्च स्तरीय जालसाजी कर फर्जी दस्तावेजों से निम्न स्तरीय गद्दोंं की आपूर्ति कर भुगतान उठाने का मामला माना था। इसमें तत्कालीन सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल, अमित पूनिया, सीएमएचओ कार्यालय के स्टोर कीपर रहे रामकुमार सिहाग, संविदा लेखा प्रबंधक सतीश गुप्ता, सेवानिवृत्त लेखाधिकारी सुवालाल और एक बाबू लाल नामक व्यक्ति की भूमिका मानी थी। प्रकरण की एसीबी से जांच करवाने की सिफारिश भी की गई है।
फर्म का खाता खुलने के बाद अगले दिन ही भुगतान
सीएमएचओ कार्यालय की ओर से शिवा इंटरनेशनल, इंडस्ट्रियल एरिया उन्नाव, उत्तर प्रदेश से गद्दे खरीदना बताया गया। इसके बाद चेक पर फर्म का नाम शिवा इंटरनेशनल और नोटशीट में शिवा इंटरनेशनल, उत्तर प्रदेश लिखा गया। गद्दों की खरीद के लिए फर्म को न तो क्रय आदेश दिया गया और न ही उसके द्वारा आपूर्ति की जांच में ये भी सामने आया कि फर्म ने 12 लाख 54 हजार 737 रुपए 83 पैसे का इनवाॅयस जारी नहीं किया गया। शिवा इंटरनेशनल फर्म का खाता
18 फरवरी 2015 को कॉरपोरेशन बैंक की गांधी पार्क श्रीगंगानगर शाखा में खुलवाया गया। 19 फरवरी 2015 को चेक इसे फर्म को भुगतान कर दिया गया और 20 फरवरी को फर्म का ये बैंक खाता जोधपुर ट्रांसफर हो गया। फर्म का मालिक श्रीगंगानगर निवासी विष्णु कौशिक बताया गया है। जांच में सामने आया कि भुगतान से संबंधित टीडीएस भी फर्म के पैन कार्ड पर जमा न होकर बाबूलाल नामक व्यक्ति के पैन कार्ड पर जमा हुआ है। जांच कमेटी ने इससे 2 लाख रुपए की टैक्स चोरी होना भी माना है।
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