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वन्य प्राणियों के अवशेष की तस्करी में कारोबारी फरार दो साल में पेश हुआ चालान

गाेल बाजार की जड़ी-बूटी की दुकान से वन्य प्राणियों के अवशेष की तस्करी के सनसनीखेज प्रकरण में वन विभाग ने कारोबारी रत्नेश गुप्ता के खिलाफ चालान पेश कर दिया। गुप्ता जड़ी-बूटी की दुकान में वन विभाग ने दो साल पहले 2018 में छापा मारकर शेड्यूल-1 यानी प्रतिबंधित वन्य प्राणियों के अवशेष जब्त किए गए थे। उसी प्रकरण का चालान तो पेश किया गया, लेकिन आरोपी कारोबारी की गिरफ्तारी नहीं की गई।
छापेमारी के बाद से ही वन विभाग की कार्रवाई को लेकर सवाल उठते रहे। छापे के बाद विभाग की ओर से दावा किया गया था कि करोड़ों की कीमत का अवशेष जब्त किया गया है, लेकिन आरोपी कारोबारी की गिरफ्तारी के बजाय अवशेष को जांच के लिए हैदराबाद और कोलकाता की फोरेंसिक लैब भेजा गया। लैब से एक साल पहले रिपोर्ट आ गई। रिपोर्ट में पुष्टि कर दी गई कि दुकान से जब्त वन्य प्राणियों के अवशेष पूरी तरह से असली हैं। उसके बावजूद अफसरों ने प्रकरण को दबा दिया। इसी महीने ईडी ने कारोबारी गुप्ता के निवास और दुकान में छापे मारकर छानबीन की। उसके बाद वन विभाग ने आनन-फानन में चालान पेश किया। हालांकि इसके पहले भी चालान पेश किया गया था, लेकिन उसमें इतनी खामियां थी कि कोर्ट ने प्रारंभिक परीक्षण के बाद ही लौटा दिया। चालान में जब्त वन्य प्राणियों की केटेगरी ही नहीं लिखी गई थी, यानी ये तक नहीं दर्शाया गया था कि किस-किस प्रतिबंधित श्रेणी के अवशेष हैं। कोर्ट ने इसी तरह की 7 बिंदुओं की खामियां निकालकर चालान लौटाया था। वन विभाग ने जड़ी-बूटी की दो दुकानों में छापे मारे थे, लेकिन एक ही कारोबारी को आरोपी बनाया। दूसरे आरोपी को ये कहकर क्लीन चिट दी कि उनकी दुकान से जब्त अवशेष में एक भी प्रतिबंधित श्रेणी का नहीं है।

इन प्राणियों के अवशेष

  • माॅनीटर लिजॉर्ड
  • सियार सिंगी
  • सी फैन
  • वाइल्ड कैट का पित्त

अफसरों की कथित सांठगांठ भी आई जांच के दायरे में
छापे के दौरान और प्रकरण की विवेचना में शामिल अफसर फिलहाल जांच के घेरे में है। वन विभाग के अफसर परीक्षण कर रहे हैं कि छापे के दौरान कौन-कौन से अफसरों की क्या भूमिका रही थी। चालान तैयार किन अफसरों की निगरानी और मॉनीटरिंग में किया गया। चालान पेश करने में देरी के लिए कौन अफसर जिम्मेदार हैं? फोरेंसिंक लैब की रिपोर्ट को किसने दबाकर रखा था? इन मुद्दों को जांच में शामिल किया गया है।



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