200 साल से टिकरापारा में हो रही गोवर्धन पूजा, गाय को खिलाई नए फसलों की खिचड़ी, नशे से दूर रहने युवकों ने लिया संकल्प
टिकरापारा में झेरिया यादव समाज ने रविवार को गोवर्धन पूजा की। यह परंपरा पिछले 200 साल से चल रही है। समाज के संरक्षक माधव लाल यादव ने बताया कि पूर्वजों ने यह सांस्कृतिक परंपरा शुरू की। पिछले 200 सालों से विधि विधान के साथ गाेवर्धन पूजा संपन्न की जा रही है। वहीं पिछले 25 सालों से इस परंपरा में महिलाओं और बच्चों को पूजा में शामिल होने का अवसर दिया गया। समाज के युवाओं ने नशे से दूर रहकर सभी त्यौहार और पर्व शांतिपूर्ण और भाईचारे के साथ मनाने का संकल्प लिया। इसके साथ ही सभी समाज के लोगों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। नंदी चौक स्थित गोवर्धन पूजा परिसर में मूर्ति स्थापित कर मंदिर बनाया गया है। इसी परिसर में सुबह से गोबर की प्रतीकात्मक गोवर्धन पर्वत बनाया गया है। शाम के समय मड़ई, बैरक आदि देवताओं का गोवर्धन पूजा स्थल में भगवान कृष्ण और सहड़ा देव की पूजा की गई। उन्हें रोट, कुमड़ा और नई फसल के चावल से बनी खिचड़ी और अन्य भोग लगाए गए। यहां महिलाओं और बच्चों ने भगवान कृष्ण की 5 परिक्रमा की। ऐसी मान्यता है कि गाेवर्धन पूजा के दिन गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा करने से सभी दुख और कष्टों का निवारण होता है और मनोकामना पूरी होती है। इस दौरान सभी ने गोबर का तिलक लगाया और बड़ों का आशीर्वाद लिया। बैरक और मडई को उनके गृह स्वामियों के घर पर ससम्मान विदाई दी गई। इस दौरान अतुल यादव, दीपक यदु, नरसिंह यादव, रामाधार यादव, महादेव यादव, रामस्वरूप यदु, ओम प्रकाश यादव, रामू प्रसाद यादव, अजय यादव आदि मौजूद रहे।
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