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नदी में डूबे 3 बच्चे, गोताखाेरों को पहुंचने में लगे 4 घंटे

मर्दापाल रोड पर स्थित संबलपुर में शनिवार को नारंगी नदी में जन्मदिन मनाने गए 8 स्कूली छात्रों में से 3 बह गए। जिनमें से दो का शव मिल चुका है। एक की तलाश जारी थी। शव बरामद करने में गोताखोरों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। हालांकि इनमें से एक का शव तो ग्रामीणों ने कुछ घंटे बाद ही निकाल लिया था लेकिन दो अन्य का कोई पता नहीं चल सका था। घटनास्थल जिला मुख्यालय से महज 6 किमी दूर है, लेकिन यहां तक पहुंचने मेें भी गोताखोरों को 4 घंटे से ज्यादा का समय लग गया।

जिसे लेकर परिजन भी आक्रोशित रहे, उनका रो-रो कर बुरा हाल था। इनमें से एक आमोख ठाकुर का शनिवार को जन्मदिन था। उसका भी मौत हो गई, जिसका शव निकाला जा चुका है। इसके पहले उसके दोस्त कामरान का शव घटना के तुरंत बाद निकाल लिया गया था। इसके अलावा इनके एक और दोस्त वत्सल सेन की तलाश जारी है। जन्मदिन मनाने के बहाने सभी 8 दोस्त बाइक पर शनिवार की दोपहर संबलपुर के लिए निकले। यहां नारंगी नदी के किनारे वे जन्मदिन मना रहे थे।

इस दौरान सभी बच्चे नहाने के लिए नदी में उतरे इनमें से किसी को भी तैरना नहीं आता था। नहाते-नहाते आमोख पिता संजय ठाकुर, कामरान पिता अब्दुल और वत्सल पिता शरद सेन गहरे पानी में चले गए। इन्हें डूबता देख अन्य बच्चे पानी से बाहर आ गए और लोगों को मदद के लिए पुकारा। लेकिन गांव घटनास्थल से करीब आधा किमी दूर होने से वहां तक जाकर लोगों को सूचना देने में काफी समय लग गया। हालांकि ग्रामीण भी तत्काल मदद के लिए पहुंचे लेकिन काफी मशक्कत के बाद सिर्फ एक को ही बाहर निकाल सके।

सेना में जाना चाहता था कामरान

चावरा हायर सेकेंडरी स्कूल में 11वीं के छात्र कामरान के पिता की मौत सालभर पहले कैंसर से हुई थी। उसकी माता को भी कैंसर है, पढ़ाई के साथ वह दुकान पर भी बैठता था। घर चलाने के साथ बूढ़ी दादी, बीमार मां और छोटी बहनों की जिम्मेदारी भी उसी पर थी। वह खेलकूद में आगे था और पढ़ाई के बाद सेना में जाना चाहता था।

रात में सर्च लाइट से तलाश जारी

जिला मुख्यालय से महज 6 किमी दूर स्थित घटनास्थल तक पहुंचने में गोताखोरों को 4 घंटे लग गए। शुरू में प्रशासन ने भी इसे हल्के में लिया, लेकिन बाद में गंभीरता का अहसास होने पर गोताखोर पहुंचे और बच्चों की तलाश शुरू कर दी। इस समय तक अंधेरा हो चुका था। गोताखोरों ने एक और बच्चे आमोख का शव बाहर निकाला। जबकि वत्सल की तलाश के लिए सर्च लाइट के जरिए खोजबीन जारी थी।



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