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एफआईआर हुई तो गिरफ्तारी देने पहुंचा आदिवासी समाज, पुलिस ने गाड़ी से वापस गोंडवाना भवन छोड़ा

राम वनगमन यात्रा के दौरान 16 दिसंबर को नेशनल हाईवे जाम करने के मामले में आदिवासी समाज प्रमुखों के खिलाफ पुलिस ने बलवा व रास्ता रोकने का अपराध पंजीबद्ध किया था। इस एफआईआर को फर्जी बताते हुए उसके खिलाफ समाज ने बुधवार को जेल भरो आंदोलन किया। समाज की मांग थी कि या तो एफआईआर को शून्य की जाए या फिर मामले में उनकी गिरफ्तारी की जाए। इसके लिए शहर के आम रास्ते से रैली निकाल कलेक्टोरेट मार्ग पहुंचे आदिवासी समाज के लोगों ने पुलिस व सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर गिरफ्तार करने की मांग की लेकिन पुलिस ने गिरफ्तार नहीं किया, बल्कि रैली के रूप में भीरावाही खपरापारा स्थित जिस गोंडवाना भवन से वे आए थे, अपने वाहन में बैठाकर वहीं छोड़ दिया।
एक घंटे तक प्रदर्शन चला फिर भी पुलिस ने गिरफ्तार नहीं किया। मामले को लेकर गोंडवाना समाज समन्वय समिति बस्तर संभाग के नेतृत्व में रैली का आयोजन किया था। रैली शहर के मुख्य मार्ग से होते कलेक्टोरेट तक पहुंची। दोनों मार्ग में बैरिकेड लगा उन्हें रोका गया। दोपहर 3.40 बजे रैली की शक्ल में समाज के लोग यहां पहुंचे जिन्हें रोक प्रशासन ने चर्चा की। समाज की मांग थी कि उनके खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर को शून्य घोषित किया जा या फिर यहीं उनकी गिरफ्तारी की जाए। इसी मांग को लेकर समाज अड़ा रहा। पूर्व सासंद सोहन पोटाई ने कहा कि मामले में जिन वाहन चालकों को प्रार्थी बनाया गया है वे किसी भी प्रकार की शिकायत नहीं करने की बात कह रहे हैं। फिर फर्जी एफआईआर क्यों दर्ज की गई। प्रशासन व समाज के बीच एक घंटे तक वार्ता चली। प्रशासन के आश्वासन के बाद समाज बिना गिरफ्तारी दिए वापस जाने मान गया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को गोंडवाना भवन तक वाहन अलग अलग वाहनों में छोड़ा। पुलिस ने बसों की व्यवस्था कऱ रखी थी. फोर्स भी काफी थी।

आश्वासन में भी पेेच, सामाज व प्रशासन आमने सामने
प्रदर्शन के दौरान मिले आश्वासन को लेकर समाज व प्रशासन दोनों आमने सामने हैं। समाज की मांग है एक माह के अंदर मामले की जांच कर उसे शून्य घोषित किया जाए। प्रशासन का कहना है एक माह के अंदर मामले की जांच की जाएगी। इसके बाद उसमें जो तथ्य आएंगे उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी, किसी मामले की जांच व उसकी रिपोर्ट आने के पहले उसे शून्य घोषित करने या उसमें कार्रवाई होगी यह बताना मुश्किल है।

जांच कर आगे की होगी कार्रवाई: एसडीएम
एडीएम एसके वैद्य ने कहा आदिवासी समाज के लोगों ने आंदोलन किया है। उन्हें आश्वस्त किया गया है कि व्यवस्था के तहत एफआईआर हुई है। एक माह के अंदर मामले की विधिवत जांच कर कार्रवाई करेंगे।

जांच के बाद एफआईआर होगा शून्य: सुमेर सिंह
गोंडवाना सामाज जिलाध्यक्ष सुमेर सिंह नाग ने कहा कि प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि एक माह के अंदर प्रक्रिया व जांच पूरी कर दर्ज एफआईआर को शून्य कर दिया जाएगा। इसके चलते आंदोलन समाप्त कर दिया गया।

अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग
समाज ने एसपी के नाम से ज्ञापन सौंप कहा कि समाज प्रमुखों के खिलाफ फर्जी एफआईआ को शून्य घोषित किया जाए। साथ ही गांव के गायता, बैगा, भूमियार तथा ग्राम प्रमुखों की स्वीकृति के बिना क्षेत्र से मिट्टी क्यों ली गई। जिम्मेदार अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। साथ ही राम वनगमन यात्रा में जुटे सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ सिविल सेवा उल्लंघन की जांच कर कार्रवाई की जाए।



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Tribal society arrived to arrest the FIR, police left Gondwana building by car


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