लग्जरी गाड़ियों का चोर गिरोह के सदस्य ने चालू किया मोबाइल, पुलिस की ट्रेसिंग में दो गिरफ्तार
बलरामपुर पुलिस ने 17 दिन पहले दो स्कार्पियों वाहन की चोरी करने वाले गिरोह तक एक हजार से अधिक मोबाइल फोन को ट्रेस करने के बाद पहुंची है।
पुलिस ने चोरी के बाद वाहन चलाकर ले जाने वाले दो आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया था, अब इसके बाद चोरी के दो वाहनों को बिक्री कराने वाले दलाल और खरीदार को गिरफ्तार किया है। खरीदने वाला बिहार में चोरी के वाहन को इसलिए खरीदते थे क्योंकि उन्हें शराब की तस्करी करने गाड़ियों की जरूरत पड़ती थी। बलरामपुर एसपी रामकृष्ण साहू ने बताया कि बलरामपुर चांदो रोड़ से 30 नवंबर की रात चोरों ने दो स्कार्पियों वाहन को चोरी किया था। इसके बाद पुलिस टीम को सीसीटीवी कैमरे से पता चला कि चोरी के बाद गाड़ी किस दिशा में गई है, उसमें चोरों का चेहरा साफ नहीं दिख रहा था। इसके बाद साइबर सेल ने लोकेशन के आधार पर मोबाइल नंबरों को ट्रेस करना शुरू किया तो कुछ पता नहीं चला। इसी बीच गिरोह के एक सदस्य ने मोबाइल चालू किया तो उसका नंबर ट्रेस हो गया और गिरोह तक पहुंचे। इसके बाद सबसे पहले दीपक कुमार और सलमान को गिरफ्तार किया था, जो वाहन को चोरी कर ले गए थे। अब टीम ने मदनपुर औरंगाबाद बिहार निवासी अमित उर्फ रवि व डालमिया नगर देहरी रोहतास बिहार निवासी नंदन सोनी को गिरफ्तार किया है। अमित ने एक स्कार्पियों डेढ़ लाख में खरीदा था और वह उसमें बिहार नंबर का फर्जी नंबर प्लेट लगाकर शराब तस्करी के लिए उपयोग कर रहा था। वहीं नंदन नामक आरोपी ने चोरी के वाहन की बिक्री कराई थी।
मास्टर माइंड फरार तलाश में जुटी टीम
एसपी ने बताया कि इस गिरोह का सरगना फरार है, जिसकी तलाश की जा रही है। वह सूरजपुर जिले के जेल में रह चुका है। पुलिस उसे पकड़ने लगी हुई है, वह वाहन चोरी करने का ही गिरोह चलाता है। वह डिमांड के आधार पर चोरी करता है। शराब तस्करी के लिए तस्कर चोरी के वाहनों का उपयोग करते हैं, क्योंकि चोरी के वाहन कम रेट में मिल जाते हैं और लज्जरी वाहनों में तस्करी भी इसलिए की जाती है, ताकि पुलिस को शक न हो।
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