एकलव्य विद्या. 20 करोड़, आवासीय स्कूल को 2 करोड़ की मंजूरी िमली
आदिवासी क्षेत्र में शिक्षा के स्तर को और बेहतर करने के लिए भरतपुर ब्लाॅक में 20 करोड़ से एकलव्य विद्यालय का निर्माण किया जाएगा। वहीं बैगा जनजाति बच्चों के लिए एक करोड़ 90 लाख से आवासीय बच्चों के लिए स्कूल बनाने मंजूरी मिल गई है।
इस संबंध में राज्यमंत्री गुलाब कमरो ने बताया कि भरतपुर-सोनहत विधानसभा क्षेत्र में शिक्षा को बढ़ावा देने के उदे्श्य से सरकार ने 2 बड़ी योजनाओं को मंजूरी दी है। इससे आने वाले 5 साल में गांव में पढ़ाई के स्तर में और सुधार होगा। गौरतलब है कि दूरस्थ वनांचल क्षेत्र में आदिवासी बैगा जनजातियों के बच्चे प्राइमरी और मिडिल स्कूल के बाद आगे ही पढ़ाई नहीं कर पाते थे। क्योंकि स्कूल और घर के बीच की दूरी इनके पढ़ाई के रास्ते में बड़ी बाधा रही है। अब आवासीय विद्यालय होने से घर के लोगों को बच्चों की पढ़ाई के लिए चिंता नहीं करनी पड़ेगी। उन्होंने अपने छात्र जीवन के बारे में बताया कि गांव से आकर शहर में पढ़ाई करना बहुत मुश्किल होता है। क्योंकि मैने स्वयं मनेंद्रगढ़ में रहकर पढ़ाई की है। अब एकलव्य और बैगा जनजाति के बच्चों को उनके गांव में ही आवासीय स्कूल में मिल जाएगा। बच्चों के पढ़ाई के आड़े अब आर्थिक तंगी भी नहीं आएगी। भरतपुर विकासखंड में 20 करोड़ की लागत से एकलव्य विद्यालय के भवन निर्माण का काम 2020-21 में शुरू होगा। यहां बता दें कि छत्तीसगढ़ के 19 जिलों में शुरू होने वाले विद्यालय में एक विद्यालय भरतपुर ब्लाॅक भी शामिल है।
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