केंवटी-अंतागढ़ रेललाइन का निरीक्षण करने आज आएगी टीम, सर्टिफिकेट के बाद अंतागढ़ तक रेल को मिल जाएगी हरी झंडी
दल्लीराजहरा से रावघाट रेल परियोजना के चौथे चरण में केंवटी से अंतागढ़ तक पटरी बिछाने का काम पुरा हो चुका है। इस पटरी पर ईंजन दौड़ाकर ट्रायल भी लिया जा चुका है। शुक्रवार 21 अगस्त को कोलकाता से पहुंची रेल्वे की एक टीम इस मार्ग पर बिछी पटरी का निरीक्षण करेगी। इस टीम से फाईनल सर्टिफिकेट मिलने के बाद केंवटी के आगे अंतागढ़ तक पैसेंजर तथा मालगाड़ी चलने का रास्ता साफ हो जाएगा।
21 अगस्त को केंवटी-अंतागढ़ 18 किमी रेल लाईन का अंतिम निरीक्षण करने दक्षिण पूर्व वृत्त कोलकाता से रेलवे सेफ्टी कमिश्नर एके राय पहुंच रहे हैं। इस रेल परियोजना के तहत पहले चरण का काम दल्लीराजहरा से गुदुम, दूसरे चरण का काम गुदुम से भानुप्रतापपुर, तीसे चरण का काम भानुप्रतापपुर से केंवटी पुरा होने के बाद केंवटी तक पैसेंजर ट्रेन चलना शुरू हो चुकी है। केंवटी से अंतागढ़ तक पटरी बिछाने का काम पुरा होने के बाद ईंजन दौड़ाकर ट्रायल भी लिया जा चुका है। कोलकाता की टीम के अंतिम निरीक्षण के बाद एक बार फिर इस ट्रैक पर ईंजन दौड़ाया जाएगा। सर्टिफिकेट मिलने के बाद अंतागढ़ तक रेल चलने का रास्ता साफ हो जाएगा। रेलवे लाईन का निर्माण रेल विकास निगम रायपुर के माध्यम ने पटेल इंजीनियरिंग लिमिटेड मुंबई को दिया था। इस काम को केआर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपर्स भिलाई द्वारा कराया जा रहा है। केआर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपर्स के एमडी राणा अरुण कुमार सिंह ने बताया माओवादी प्रभावित क्षेत्र में कठिनाइयों का सामना करते हुए लक्ष्य से विचलित हुए बिना निर्माण कार्य पूर्णता की ओर बढ़ रहा है। अंतागढ़ स्टेशन तक कार्य पूर्ण हो चुका है। 2021 तक बोंदानार, ताड़ोकी स्टेशन बनाने का लक्ष्य है।
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