जिपं उपाध्यक्ष व भाजपा नेता की पहल पर वेतन व छंटनी का हल, धान संग्रहण केंद्र के मजदूरों की हड़ताल खत्म
मांगों को लेकर धरना पर बैठे धान संग्रहण केंद्र तिल्दा के 200 दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों ने 2 महीने बाद हड़ताल खत्म कर दी है। ठेका पद्धति को खत्म करने की मांग को लेकर 2 माह से हड़ताल पर थे। दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी संघ ने रायपुर जिला पंचायत उपाध्यक्ष टंक राम वर्मा और भाजपा जिला रायपुर (ग्रामीण) के कोषाध्यक्ष अनिल अग्रवाल से मुलाकात कर समस्याओं से अवगत कराया एवं मध्यस्था कर निराकरण की मांग की थी।
नेताओं ने ठेकेदार एवं विपणन संघ के अधिकारियों को बुलाया। इसके बाद शांतिपूर्ण ढंग से हड़ताली कर्मचारियों के बीच सभी विषयों पर चर्चा की गई। उनके वेतन एवं छंटनी संबंधी शंका का समाधान किया गया कि वेतन समय पर मिलेगा, कोई छंटनी नहीं होगी और किसी को अचानक पैसे की जरूरत पड़ेगी तो उसे अग्रिम राशि ठेकेदार द्वारा दी जाएीा। बोनस के स्थान पर ईएसआई की सुविधा सभी मजदूरों को मिलेगी।
इसके बाद कर्मियों ने हड़ताल को खत्म कर दिया। दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी संघ के मजदूरों ने हड़ताल को समाप्त कर काम पर आने की घोषणा भी की। दरअसल छत्तीसगढ़ शासन ने प्रदेश के सभी 68 धान संग्रहण केंद्र में धान उठाई का कार्य ठेके पर दिया है। इससे कर्मचारी अब ठेकेदार के अधीन काम करेंगे।
पहले इन कर्मचारियों को वेतन एवं कार्य विपणन अधिकारी के माध्यम से मिलता था। इसे समाप्त कर ठेकेदारी पद्धति लागू कर दिया है। अब ये सभी दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी ठेकेदार के अधीनस्थ काम करेंगे और इन्हीं से वेतन भुगतान प्राप्त करेंगे। हड़ताली मजदूर ठेकेदार के अधीनस्थ काम नहीं करना चाहते थेl उन्हें डर था कि ठेकेदारी पद्धति से वेतन समय पर नहीं मिलेगा, मजदूरों की छंटनी कर देंगे, बोनस नहीं मिलेगा, मजदूरी दर कम हो जाएगी।
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