रेलवे के निजीकरण के खिलाफ किया जन आंदोलन का आगाज
रेलवे के निजीकरण के खिलाफ ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन एवं वेस्ट सेंट्रल रेलवे एंप्लाइज यूनियन के तत्वाधान में जन-आंदोलन के तहत कोटा, बूंदी, बारां, रामगंज मंडी, शामगढ़ रेलवे स्टेशन पर यूनियन कार्यकर्ताओं ने जनसभा की। सभा में जनप्रतिनिधियों के साथ आमजन ने रेलवे को नहीं बिकने देने की प्रतिज्ञा ली।
रेलवे के निजीकरण के खिलाफ कोटा में रेलवे स्टेशन के प्रांगण में जनसभा का आयोजन किया गया, जिसमें शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष रविन्द्र सिंह त्यागी, शहर जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व महासचिव ललित कुमार, इंटक के रामलाल, आरएमएसआरयू के राकेश गालव, सीटू के अशोक, किसान सभा के दुलीचंद बोरदा, सीटू के तारकेश्वर तिवारी, एआईसीटीयू के महेन्द्र नेह, महेन्द्र पांडेय, किसान महापंचायत के अध्यक्ष जितेन्द्र सिंह, एनजेडआईबीए एलआईसी के मनजीत सिंह वालिया, भरतकुमार, विनोद गौतम कांग्रेस नेता, मनोज दुबे, जिला अध्यक्ष कांग्रेस सेवादल, श्याम शर्मा, गिर्राज सिंह, श्रीकांत सिंह, राकेश राठौर, विजय सिंह राज, विनोद सिंह, कपिल गर्ग, विजय गुप्ता, राजकुमार, रूपचंद पोसवाल, योगेश मीणा, मुकेश जैन, एसीएसटी एसोसिएशन के अध्यक्ष एनआर चौधरी, मनोहर लालमीणा, हरिप्रकाश मीणा, पदम पाटोदी, ओपी वर्मा, अनिल अरोड़ा सहित आजाद हिन्द बिल्डिंग वर्कर्स यूनियन के विजय वाजपेई, राजस्थान आंगनबाड़ी महिला कर्मचारी संघ की प्रदेश अध्यक्ष शाहिदा खान मौजूद रहे।
ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर एसोसिएशन के जोनल अध्यक्ष हेमराज मीणा के नेतृत्व में स्टेशन मास्टर एवं पाॅइंट्स मैन ने शनिवार को वेस्ट सेंट्रल रेलवे मजदूर संघ कार्यालय में मंडल सचिव अब्दुल खालिक से मिलकर ऑपरेटिंग विभाग की समस्याओं से अवगत कराया।
कोरोना की आड़ में चल रहा रेलवे को बेचने का खेल: गालव
सभा में यूनियन के महामंत्री मुकेश गालव ने बताया कि कोरोना की आड़ में रेलवे बेचने का खेल चल रहा है। केंद्र सरकार रेलगाड़ियां रेलवे स्टेशन रेलवे कर्मचारियों के कार्यों एक-एक करके निजीकरण करती जा रही है। लेकिन इसे सफल नहीं होने दिया जाए। केंद्र सरकार द्वारा 151 यात्री गाड़ियों को 109 रूटों पर प्राइवेट ऑपरेटर्स द्वारा चलाए जाने, रेलवे कल-कारखानों का निगमीकरण करने, स्टेशनों को उद्योगपतियों को बेचने और कर्मचारियों के कार्यों को ठेकेदारों द्वारा कराए जाने से नाराज रेल कर्मचारियों ने आम जनता को भी इस आंदोलन में शामिल करने का निर्णय लिया है।
लाइटें बंद कर किया विरोध
रेलवे के निजीकरण के खिलाफ ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन, वेस्ट सेंट्रल रेलवे एंप्लाइज यूनियन की ओर से शनिवार को कोटा रेल मंडल में रात 8 से 8:10 बजे तक घरों की लाइटें बंद कर विरोध दर्ज कराया। कोटा में रेलवे की नई-पुरानी कॉलोनी, वर्कशॉप, पूनम कॉलोनी, डडवाडा, माचिस फैक्ट्री, जनकपुरी, जैन मार्शल, रॉयल टाउन, मॉडलटाउन, खेडली फाटक, प्रताप कॉलोनी, महावीर कॉलोनी में रेल कर्मचारियों ने अपने मकानों की बिजली 10 मिनट के लिए बंद कर विरोध दर्ज कराया। कोटा मंडल के 97 रेलवे स्टेशनों की काॅलोनी में भी रेल कर्मियों ने लाइट बंद कर विरोध जताया।
एलआईसी के निजीकरण के प्रयास के विराेध में मौन प्रदर्शन
केंद्र सरकार द्वारा भारतीय जीवन बीमा निगम का निजीकरण करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके विराेध में बीमा कर्मचारियाें ने नाॅदर्न जाेन इंश्याेरेंस एम्पलाइज एसाेसिएशन मंडल कमेटी अजमेर के काेटा प्रथम अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह, सचिव गिर्राज कश्यप के नेतृत्व में कर्मचारियाें ने छावनी शाखा के बाहर माैन प्रदर्शन किया। इसके बार छावनी चाैराहा, चाैपाटी पर पत्रक बांट लाेगाें काे एलआईसी के निजी करण करने के सरकारी प्रयास का विराेध करने का आह्वान किया।
अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह, सचिव गिर्राज कश्यप ने बताया कि राष्ट्र की अर्थव्यवस्था और विकास का एक अविभाज्य हिस्सा एलआईसी बन रही है। अर्थव्यवस्था के ऐसे किसी भी क्षेत्र को खोजना मुश्किल है जहां इस महान संस्थान के पद चिन्ह और योगदान नहीं मिले। यातायात, संचार रेल, सड़क, बिजली अभी आधारभूत सार्वजनिक निर्माणों में उसका योगदान है। विनिवेश अंतत: निजीकरण की और ले जाता है।
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