डेढ़ साल के बाद भी नहीं मिली ट्रामा वैन
मुख्यमंत्री की घोषणा के डेढ़ साल के बाद भी ट्रामा वैन जशपुर की जनता की पहुंच से बाहर है। इस वैन से सड़क हादसे का शिकार हुए लोगों को तत्काल चिकित्सकीय सहायता पहुंचाई जाती है। अस्पताल पहुंचने से पहले ही घायल व्यक्ति को इलाज मिलने से जान बचाने में चिकित्सकों को मदद मिलती है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी की मनमानी से जिलेवासियों की जान पर बन आई है। इस पर नाराजगी जताते हुए संसदीय सचिव यूडी मिंज ने स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है। इससे पहले भाजपा के शासन काल में ट्रामा सेंटर को जिले से छिने जाने को लेकर जमकर बवाल हुआ था।
विधानसभा चुनाव 2018 में मिली कांग्रेस की सफलता के बाद मुख्यमंत्री कुनकुरी पहुंचे थे। यहां उन्होंने एक सम्मेलन में जिले में दो ट्रामा वैन उपलब्ध कराने की घोषणा की थी। मुख्यमंत्री की घोषणा को अमलीजामा पहनाने के लिए संसदीय सचिव मिंज ने जून 2019 में स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव से मुलाकात कर बजट देने का अनुरोध किया था। इस पर उन्होंने खनिज न्यास निधि से ट्रामा वैन खरीदी की अनुशंसा कलेक्टर से की थी। स्वास्थ्य मंत्री के इस अनुशंसा पर जिले के प्रभारी मंत्री अमरजीत भगत ने ट्रामा वैन के लिए डीएमएफ मद से खरीदी के लिए 45 लाख रुपए की मंजूरी दी थी। स्वीकृति मिलने के बाद कलेक्टर,जशपुर ने वैन की खरीदी के लिए जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को क्रय एजेंसी बनाया था। मुख्य स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी ने खरीदी की प्रक्रिया पूरी करने की जिम्मेदारी डीपीएम को दी है, लेकिन स्वीकृति मिलने के 9 माह बाद भी ट्रामा वैन की फाइल,एनआरएचएम के टेबल में धूल खाते हुए पड़ी हुई है। ट्रामा वैन की खरीदी की प्रक्रिया क्यों अटकी हुई है,इसका जवाब फिलहाल स्वास्थ्य विभाग के किसी अधिकारी के पास नहीं है। जशपुर जिले से होकर राष्ट्रीय राजमार्ग 43 गुजरती है। सड़कों के खराब होने के कारण आए दिन गंभीर हादसे होते रहते हैं।
ट्रामा सेंटर को लेकर पहले हो चुकी है राजनीति
जिले में ट्रामा सेंटर की मांग सालों से की जाती रही है। भाजपा के दिग्गज नेता दिवंगत दिलीप सिंह जूदेव की पहल पर तात्कालीन मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह जशपुर में ट्रामा सेंटर निर्माण करने की मंजूरी दी थी, लेकिन अगस्त 2013 में उनके निधन के बाद तात्कालीन स्वास्थ्य मंत्री अजय चंद्राकर ने इस प्रस्तावित ट्रामा केन्द्र को राजनांदगांव स्थानांतरित कर दिया था। इस निर्णय का जिले में विरोध हुआ था। शहरवासियों ने कैंडल मार्च निकाल कर विरोध जताया था। कांग्रेस व भाजपा के बीच जमकर राजनीतिक तीर भी चले थे। विस चुनाव के दौरान भी ट्रामा सेंटर का मुद्दा शहरी क्षेत्र में भाजपा के वोट बैंक को खिसकाने में अहम भूमिका निभाई थी।
ट्रामा वैन की सुविधा देने के लिए चर्चा करेंगे
"ट्रामा वैन की घोषणा मुख्यमंत्री ने की थी। यह सुविधा जिलेवासियों के लिए बेहद अहम है। मंजूरी और राशि मिलने के बाद भी अब तक खरीदी ना होना स्वास्थ्य विभाग की गंभीर लापरवाही है। इस मामले में जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। इसके लिए उच्च अधिकारियों से चर्चा करूंगा।''
-यूडी मिंज,संसदीय सचिव,छग शासन
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