पेंशन के लाखों रुपए व ग्रामीणों का पैसा किया गबन
बहारपुर के पंचायत सचिव पर ग्रामीणों ने भेदभाव का आरोप लगाया है। ग्रामीणों ने बताया कि इन पंचायत सचिव को त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के दौरान मतदाता सूची में गड़बड़ी करने के मामले में तहसीलदार ओड़गी के अनुशंसा पर निलंबित कर दिया गया था। निलंबन अवधि के दौरान इन्होंने चुनाव में प्रचार-प्रसार भी किया। इसके बाद भी अब इनको बिहारपुर पंचायत का प्रभार दे दिया गया है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में एक साल से विधवा पेंशन, वृद्धा पेंशन, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, विकलांग पेंशन नहीं मिली है। हितग्राही सीता कुंवर पण्डो, लोदिया पण्डो, रूपेश्वरी पंण्डो, फुलबसिया पण्डो, पानपती पण्डो, शोबरन केवट आदि को पेंशन नहीं मिली है। इसके साथ ही गरीब, अनपढ़ हितग्राही, राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र बुधन पंडों को प्रधानमंत्री आवास मिला था, लेकिन इसका पैसा भी सचिव ने दूसरे के खाते में ट्रांसफर कर दिया है। उसका आवास भी नहीं बना है। ऐसे ही कई हितग्रहियों को लूटा जा रहा है। शौचालय के हितग्राहियों महेशचन्द्र, प्रकाशचन्द, रविन्द्र गुप्ता, रामजगन पण्डो, कृपाल पण्डो, सिरपाल पण्डो सहित अन्य हितग्राहियों का पैसा दूसरे के खाते में ट्रांसफर कर दिया। सभी के शौचालय अधूरे हैं। राजेंद्र सिंह की गोचर भूमि पर डबरी निर्माण में 22 लोगों का फर्जी मस्टररोल भरकर पैसा निकाल लिया है। पंचायत सचिव बिहारपुर के स्थानीय प्रभावशाली परिवार से होने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने मनमानी का आरोप लगाया है।
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