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6 माह में तेल 30% महंगा, पर ज्योत शुल्क 600 रु. ही, मंदिरों ने घटाया सजावट खर्च

इस साल देर ही सही, माता के दरबार में भक्तों की मनोकामना ज्योत जगमगाएंगी। इसकी तैयारी भी हो चुकी है। हालांकि, इस बार मंदिरों में काफी कुछ बदला हुआ रहेगा। गर्भगृह में भक्तों को प्रवेश नहीं मिलेगा। न ही प्रसाद दिया जाएगा। साज-सजावट भी कम ही देखेगी। कोरोना के अलावा महंगाई भी इसकी दूसरी बड़ी वजह है।
दरअसल, इस बार देवी मंदिरों में जलने वाली ज्यादातर ज्योत चैत्र नवरात्रि की हैं जो लॉकडाउन लगने की वजह से नहीं जल पाई थीं। बंजारी धाम मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष हरीश भाई जोशी बताते हैं कि तब मनोकामना ज्योत का पंजीयन 600 रुपए में किया जाता था क्योंकि तब एक कलश जलाने में खर्च भी इतना ही आता था। इस राशि में तेल, कलश के अलावा 9 दिन तक ज्योत की सेवा करने वाले सेवादारों मेहनताना भी शामिल रहता है। 6 माह में महंगाई बढ़ी है। जोत में इस्तेमाल किए जाने वाले तेल की ही कीमत 30% तक बढ़ी है। इसके अलावा रखरखाव जैसे दूसरे खर्च भी बढ़ गए हैं। अब प्रत्येक ज्योत में 800 से 900 रुपए तक का खर्च आ रहा है। मौजूदा परिस्थितियां ऐसी नहीं हैं कि शुल्क अचानक बढ़ा दें इसलिए हमने सजावट और दूसरे खर्चों को कम किया है।

हवन-पूजन और शृंगार सामग्रियों के भी दाम बढ़े
रविशंकर विवि स्थित बंजारी मंदिर के रवि तिवारी ने कहा कि मार्च तक तेल का पीपा 1150 रुपए का था। अब यह बढ़कर 1600 रुपए हो गया है। इसके अलावा पूजन-हवन, शृंगार सामग्रियों और फल के दाम भी बढ़े हैं। जोत का पंजीयन अभी भी 600 रुपए ही है। नवरात्रि के ज्योत शुल्क से ही मंदिर का मेंटेनेंस व दूसरे जरूरी काम करवाए जाते थे। इस नवरात्रि मंदिरों के सामने अपनी तरफ से पैसे देकर जोत जलाने की स्थिति है। मंदिर का रंग-रोगन तो करवा चुके हैं, लेकिन सजावट और दूसरे बड़े काम नहीं करवाए गए हैं।

दर पर दूरी बनी रहे... इसलिए कल से प्रोजेक्टर पर आरती, ज्योत के दर्शन
शनिवार से शुरू हो रही नवरात्रि के लिए मंदिरों में इंतजाम पूरे हो गए हैं। प्रशासन के निर्देश के मुताबिक ज्योत कलश कक्ष में भक्तों को एंट्री नहीं दी जाएगी। न ही मंदिर के गर्भगृह में किसी को प्रवेश दिया जाएगा। भक्तों से अपील भी की जा रही है कि वे वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए घर पर रहकर ही पूजा करें। हालांकि, कई मंदिरों ने भक्तों की आस्था को देखते हुए मंदिर परिसर के बाहर प्रोजेक्टर की भी व्यवस्था कराई है। महामाया मंदिर में सुबह-शाम होने वाली आरती को बाहर प्रोजेक्टर पर लाइव दिखाया जाएगा।



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Oil is 30% costlier in 6 months, but light charge is Rs 600. Hee, temples reduced decoration expenses


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