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लाॅकडाउन में 870 परिवारों को नहीं मिला मुफ्त में चावल लेकिन राशनकार्ड में दर्ज

छत्तीसगढ़ सरकार ने लाॅकडाउन में सभी राशन दुकानों में तीन महीने अप्रैल, मई और जून का चावल मुफ्त में वितरण करने का आदेश दिया था। प्रत्येक राशन कार्डधारी को 35 किलो चावल मुफ्त में दिया जाना था। शक्कर, चना, गुड़ के पैसे लिए जाने का आदेश खाद्य विभाग द्वारा जारी किया गया था। कटेकल्याण ब्लाॅक के परचेली ग्राम पंचायत की राशन दुकान में ग्रामीणों को मुफ्त में सिर्फ अप्रैल में ही राशन दिया गया, वह भी किसी को 20 तो किसी को 10 किलो चावल दिया गया।
परचेली के ग्रामीणों ने आरोप लगाया चावल जहां दो महीने का मुफ्त में नहीं दिया गया, वहीं शक्कर के भी 1 किलो के 25 रुपए लिए जाते हैं, जबकि शक्कर की सरकारी दर 17 रुपए है। मई और जून का मुफ्त में मिलने वाला चावल मिला ही नहीं, लेकिन सभी 870 राशन कार्ड में चावल दिया जाना दर्शाया गया है। ग्रामीणों ने बताया विक्रेता राशनकार्ड में क्या लिख रहे इसकी जानकारी ग्रामीणों को नहीं होती है। एक तिहाई राशन कार्डधारी निरक्षर हैं। परचेली नक्सल प्रभावित क्षेत्र है, जो कटेकल्याण ब्लाॅक की ग्राम पंचायत है। परचेली की पीडीएस दुकान भी कटेकल्याण से ही संचालित होती है।
परचेली के ग्रामीण बुधराम, राजू,बसंत, संतोष, बारसा ने बताया दुकान चलाने वाले महिला समूह द्वारा मुफ्त चावल के पैसे लेने की शिकायत कटेकल्याण तहसीलदार से करने के बावजूद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। परचेली की राशन दुकान मां दंतेश्वरी समूह द्वारा चलाई जाती है। बता दें कि कटेकल्याण ब्लाॅक के ही गुड़से राशन दुकान के चावल गड़बड़ी की जांच अभी पूरी नहीं हो पाई है फिर से कटेकल्याण ब्लाॅक के परचेली ग्राम पंचायत की राशन दुकान में चावल गड़बड़ी का बड़ा मामला सामने आया है।

अफसर बोले- जांच के बाद होगी कार्रवाई
कटेकल्याण ब्लाॅक में लगातार हो रही चावल की कालाबाजारी से खाद्य निरीक्षकों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। खाद्य निरीक्षकों द्वारा हर महीने राशन दुकानों का निरीक्षण किया जाता है, फिर भी गरीबों का चावल गायब हो रहा है और विभाग को खबर नहीं लग रही है। समूह की दुकान चलाने वाली रामेश्वरी ने बताया ग्रामीण झूठ बोल रहे हैं। विक्रेता के मुताबिक अप्रैल, मई, जून तीनों महीने का चावल ग्रामीणों को मुफ्त में दिया गया है। गुड़, चना, शक्कर का पैसा लिया गया है। शक्कर 17 रुपए की दर पर दी गई है। जिला खाद्य अधिकारी जीआर ठाकुर ने कहा जांच करवाई की जाएगी।



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870 families did not get rice in lockdown but registered in ration card


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