Here we are going to provide you all types of all hindi news ,live news ,Bbc Hindi news ,Ndtv hindi news ,Aaj Tak news, watch live tv coverage ,latest khabar ,breaking news ,world ,sports ,bussiness, films so visit to our website and get all the news

Breaking News

बलरामपुर में हर तीसरे दिन बेटियां हो रहीं दुष्कर्म का शिकार 9 माह के भीतर 104 केस, इनमें से 79 नाबालिगों से दुष्कर्म

बलरामपुर जिले में महज आठ महीनों में 104 महिलाओं और लड़कियों की अस्मत लूटी गई है, लेकिन बड़ी बात यह है कि पुलिस ने इसमें से 102 मामलों के आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वहीं सोचने को मजबूर करने वाला यह आंकड़ा है कि 104 घटनाओं में 79 नाबालिग लड़कियों के साथ दुष्कर्म हुआ है। वहीं इसमें भी आधे से अधिक घटनाओं में जांच के बाद पुलिस को पता चला कि नाबालिगों को शादी का झांसा देकर दुष्कर्म किया गया और इसमें 90 फीसदी आरोपी पहचान के ही थे। इसे देखते हुए अब बलरामपुर पुलिस चलित थानों के माध्यम से इसके लिए गांवों में जागरूकता अभियान चलाएगी तो कोरोना संक्रमण के बाद जब स्कूल खुलेंगे तो लड़कियों को इसके खिलाफ जागरूक किया जाएगा ताकि वे शादी के झांसे में न आएं। दैनिक भास्कर ने वाड्रफनगर के लोधी गांव में 14 साल की नाबालिग के साथ दुष्कर्म की घटना के बाद हो रही राजनीति को देखते हुए पड़ताल की तो पता चला कि बलात्कार की घटनाओं को लेकर पुलिस संवेदनशील है। यही कारण है कि नौ माह में हुए बलात्कार के आरोपियों को पुलिस ने सप्ताह भर के अंदर ही गिरफ्तार कर लिया। लेकिन अधिकारी शादी का झांसा देकर रेप करने की घटनाओं को रोकने के लिए जागरूकता अभियान चलाने की तैयारी में हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रेम प्रसंग के बाद शादी का झांसा देकर दुष्कर्म किया जाता है। वहीं सामूहिक दुष्कर्म की घटना कुसमी, वाड्रफनगर और और बलरामपुर इलाके में हुई थी, एक घटना में 12 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म होने के बाद मामला दर्ज करने में लापरवाही पर पुलिसकर्मियों पर भी गाज गिरी थी।

पुलिस ने कड़ाई से की है कार्रवाई अब चलाएंगे जागरूकता कार्यक्रम
"जिले में दुष्कर्म की घटनाओं पर पुलिस ने कड़ाई से कार्रवाई की है। नाबालिगों के साथ दुष्कर्म की घटनाओं को देखते हुए जागरूकता कार्यक्रम चलाया जाएगा ताकि नाबालिग ऐसे लोगों के चुंगल में न फंसें। लड़कियों से आग्रह है कि वे निःसंकोच पुलिस में अपनी शिकायत दर्ज कराएं, कोई परेशानी होती है रिपोर्ट लिखाने में तो मेरे मोबाइल नम्बर पर आवेदन वाट्सएप कर सकते हैं।"
-रामकृष्ण साहू, एसपी, बलरामपुर

मार्शल आर्ट की दी जाए ट्रेनिंग अभिभावक बच्चों पर रखें नजर
"लड़के और लड़कियों के अभिभावक के मोबाइल पर नजर रखें। छात्राओं और कामकाजी महिलाओं को मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग दी जाए। लड़कियों को सुरक्षा के लिए रिस्ट वाच जैसा डिवाइस दिया जाए। जिसका जीपीएस सखी सेंटर और थानों से कनेक्ट हो। अब लड़कियां भी नशे का सेवन करने लगी हैं। स्कूली लड़कियां भी रिलेशनशिप में रहने लगी हैं, बाद में 376 का मामला दर्ज होता है।"
-सुमन द्विवेदी, केंद्र प्रशासक, सखी सेंटर, अंबिकापुर

सामाजिक कार्यकर्ताओं को बाल मित्र बनाने की है जरूरत
"सामाजिक कार्यकर्ताओं को बाल मित्र बनाना चाहिए। पहले यह कांसेप्ट था। इसके लिए सामाजिक संगठनों का सहयोग पुलिस को लेना चाहिए। माता पिता को अच्छा गार्जियन बनना चाहिए, जो संस्कार दें, उनके साथ खुलकर बात करें। ग्रामीण इलाकों में शारीरिक सम्बन्ध बनाने को लेकर जागरूकता नहीं है। गर्भवती होने पर मामला सामने आता है। आंगनबाड़ी में भी जागरूक किया जा सकता है।"
-वंदना दत्ता, समाजसेवी और काउंसलर



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3iJ9g8g
via IFTTT

No comments