रुतबा दिखाने के लिए शिक्षित युवाओं में अवैध हथियार रखने का चलन बढ़ा
अवैध हथियाराें की खरीद फराेख्त में पिछले पांच सालाें से अजमेर सुर्खियाें में आ रहा है। पुलिस एक के बाद एक कार्रवाई कर हथियार तस्कराें पर शिकंजा कस रही है। इसी पखवाड़े रामगंज औैर क्लाॅक टावर थाना पुलिस चार बदमाशाें काे अवैध हथियार के साथ पकड़ चुकी है।
सबसे ज्यादा चाैंकाने वाली बात यह है कि हाल ही में क्लाॅक टावर थाना पुलिस के शिकंजे में फंसे तीन आराेपियाें में एक सीए यानी चार्टड अकाउंटेंट है, जबकि दूसरा खुद काे डाॅक्टर बता रहा है। इसी तरह पूर्व में रामगंज थाना पुलिस के हत्थे चढ़ा आराेपी प्राेपर्टी काराेबारी था, जिसे काेर्ट के आदेशाें पर जेल भेज दिया गया। रविवार काे पुलिस ने क्लाॅक टावर क्षेत्र में पकड़े गए तीनाें आराेपियाें में से एक काे काेर्ट के आदेशाें पर दाे दिन के रिमांड पर लिया है। जबकि दो को जेल भेज दिया है।
यह कैसा शाैक ? राैब जमाने के लिए हथियार मंगवाकर कर रहे हैं भविष्य खराब
पुलिस के मुताबिक फाॅयसागर राेड शिवनगर निवासी अभिनंदन सिंह राजपूत, सरवाड़ फतेहगढ़ सदर बाजार निवासी वर्धमान जैन औैर बाेराड़ा देवरिया निवासी जितेंद्र कुमार काे दाे दिन के रिमांड पर लिया गया है। जांच में सामने आया कि आराेपी वर्धमान जैन पेशे से सीए है।
उसके खिलाफ सरवाड़ थाने में पूर्व में भी हथियार तस्करी औैर मारपीट का मामला दर्ज है। जबकि अभिनंदन सिंह खुद काे डाॅक्टर बता रहा है। हालांकि पुलिस काे इस तरह का काेई दस्तावेज नहीं मिला जिससे यह साबित हाे कि अभिनंदन डाॅक्टर है।
वर्धमान को रिमांड पर लेकर पूछताछ कि जा रही है जबकि अभिनंदन और जितेंद्र को जेल भेज दिया है। इसी तरह पूर्व में पकड़ा गया रामगंज निवासी कमलेश वाधवानी पेशे से प्राेपर्टी काराेबारी है, औैर शिक्षित है। चार आराेपियाें से हुई पूछताछ में यह सामने आया कि हथियार टशन दिखाने के लिए मंगवाया गया।
अवैध हथियारों से लगातार 3 बार हो चुकी है गैंगवार, मारे जा चुके हैं 3 बड़े बदमाश
यह आंकड़ा यदि पिछले छह माह का देखे ताे एक दर्जन से ज्यादा अवैध हथियार जिसमें देशी पिस्टल, माउजर, रिवाल्वर औैर कट्टे सहित आराेपी पकड़े जा चुके हैं। बदमाशाें के पास अवैध हथियाराें के बढ़ती खेप से अजमेर में एक के बाद एक गैंगवार हाे चुके हैं, जिसमें रामकेश मीणा, धर्मेंद्र चाैधरी औैर विक्रम शर्मा जैसे बदमाश मारे जा चुके हैं। तीनाें ही वारदाता में अवैध हथियाराें का इस्तेमाल किया गया था। हालांकि पुलिस लगातार हथियार तस्कराें पर शिकंजा कस रही है।
यहां से मंगवाई जा रही है खेप
- अजमेर में अब तक पकड़े गए अवैध हथियाराें में सर्वाधिक बिहार के मुंगेर निर्मित हैं। इन हथियाराें पर मेड इन इंग्लैंड, अमेरिका, इटली औैर जापान सहित अन्य देशाें की फर्जी सील तक लगाई जा रही है।
- बिहार के अलावा एमपी औैर यूपी में अवैध हथियाराें की फैक्ट्रियां हैं। एमपी में खरगाैन, धार औैर देवास सहित आसपास के इलाकाें से हथियाराें की खेप अजमेर पहुंच रही है। वहीं यूपी के इटावा, आजमगढ़, अलीगढ़ सहित आसपास के क्षेत्राें से हथियार यहां मंगवाए जा रहे हैं।
पुलिस मुख्यालय से कार्रवाई के निर्देश
- हथियाराें के साथ पकड़े गए बदमाशाें पर पुलिस 4/25 आर्म्स एक्ट में कार्रवाई करती है। इसमें 6 माह की सजा औैर 500 रुपए का जुर्माना या फिर सजा व जुर्माना दाेनाें हाे सकते हैं। इसके अलावा 3/25 आर्म्स एक्ट में भी 7 साल की सजा का प्रावधान है।
- आर्म्स एक्ट की धारा-27 में 3 से 7 साल की सजा का प्रावधान है।
- धारा-25 (1)(क) में सीधे आजीवन कारावास की कार्रवाई का प्रावधान है। इसमें जुर्माना भी वसूला जा सकता है, औैर सजा व जुर्माना दाेनाें भी हाे सकता है।
^क्लाॅक टावर थाना पुलिस की गिरफ्त में फंसे तीनाें आराेपियाें में अभिनंदन सिंह खुद काे डाॅक्टर बता रहा है, जबकि वर्धमान जैन पेशे से चार्टड अकाउंटेंट है। जैन के खिलाफ सरवाड़ थाने में दाे मुकदमे दर्ज हैं। पूर्व में जेल पहुंचा कमलेश वाधवानी भी पेशे से प्राेपर्टी काराेबारी है। -मुकेश साेनी, सीओ, साउथ सर्किल
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