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पहाड़ से आने वाले पानी से नरहरदेव मैदान में जगह-जगह गड्ढे और धूल

नरहरदेव स्कूल का मैदान शहर का सबसे बड़ा मैदान है जहां तमाम खेल आयोजन के अलावा राष्ट्रीय पर्वों पर भी आयोजन होते हैं। मैदान की सबसे बड़ी समस्या यहां हुए गड्ढे तथा धूल है जो खिलाडिय़ों को परेशान करते हैं। यहां गड्ढे तथा धूल का प्रमुख कारण आसपास के पहाड़ों से बहकर आने वाला बरसाती पानी है। इस पानी के निकासी के प्रबंध नहीं होने से मैदान में पहुंच जाता है जिससे मैदान खराब हो रहा है। गड्ढों तथा धूल की वजह से खिलाडिय़ों को परेशानी होती है तथा अक्सर ये गड्ढे खिलाडिय़ों के साथ हादसे का कारण बनते हैं।
नरहरदेव मैदान में रोजाना सुबह खिलाड़ी अभ्यास करने पहुंचते ही हैं बड़ी संख्या में शहर के लोग यहां सुबह शाम टहलने भी आते हैं। मैदान के किनारे भाग में बड़े बड़े गड्ढे हो चुके हैं। खिलाड़ी खेलते हैं तो मैदान में इतनी धूल उड़ती है की खिलाड़ी परेशान हो जाते हैं। मैदान के एक ओर पहाड़ है। इसी पहाड़ से आने वाला बरसाती पानी मैदान में पहुंचता है क्योंकि इस पानी के निकासी के कोई प्रबंध नहीं है। यही पानी मैदान को खराब करने का प्रमुख कारण है। कुछ सालों पहले तक नरहरदेव मैदान में घास हुआ करती थी लेकिन अब तक घास का नामोनिशान नहीं बचा है। मैदान में धूल बहुत ज्यादा संख्या में है। लंबे समय से मैदान की मरम्मत तक नहीं हुई है। खिलाडिय़ों के अनुसार मैदान में घास होना फायदेमंद होता है क्योंकि इससे धूल नहीं उड़ती तथा साथ ही खेल के दौरान चोट की संभावनाएं कम हो जाती है। मैदान में बिजली के भी समुचित प्रबंध नहीं होने से रात में अंधेरा होने पर यहां असामाजिक तत्वों का जमावाड़ा लगा रहता है। मैदान में बाउंड्री या गेट जैसे प्रबंध नहीं होने से लोग अपने वाहनों सहित मैदान के अंदर प्रवेश कर जाते हैं। मैदान को बेहतर ढंग से विकसित करने की मांग को लेकर विभिन्न खेल संघ जिला प्रशासन के साथ खेल एवं युवा कल्याण विभाग एवं नरहरदेव स्कूल प्रबंधन से मिल चुके हैं लेकिन मैदान की मरम्मत की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। कई बार तो खिलाडिय़ों ने ही अपने स्तर पर मैदान की सफाई करते धूल साफ की है लेकिन कुछ ही दिनों में फिर मैदान धूल से भर जाता है।

दो दशक पहले मैदान में थी घास
हाकी खेल से जुड़े युवक महेंद्र नाग ने कहा 20 वर्ष पहले मैदान में घास हुआ करती थी लेकिन अब मैदान में गड्ढे तथा धूल ही नजर आते हैं। खेल प्रशिक्षक शिवम ठाकुर ने कहा मैदान की स्थिति अच्छी नहीं है। बारिश के पानी की उचित निकासी होने के साथ यहां समुचित बिजली का प्रबंध होना चाहिए। किक्रेट संघ से जुड़े सिद्घार्थ पाठक ने कहा शहर में खेल मैदान की कमी है। नरहरदेव मैदान जो काफी अच्छा है इसका रखरखाव करना चाहिए।

मैैदान को विकसित करेंगे
नरहरदेव स्कूल प्राचार्य रचना श्रीवास्तव ने कहा नरहरदेव मैदान को बेहतर ढंग से विकसित करने की योजना है। पहले लोक निर्माण विभाग सर्वे करेगी। फिर जिला प्रशासन के सहयोग से मैदान को विकसित किया जाएगा। मैदान में जो भी समस्या है उनको दूर किया जाएगा।
उच्चाधिकारियों को कराया जाएगा अवगत
कांकेर के प्रभारी खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी संजय जैन ने कहा खेल मैदान की स्थिति से विभाग के उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाएगा तथा मैदान का विकसित करने प्रयास किया जाएगा।



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The water coming from the mountain has pits and dust in the Narhardev plain.


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