राजस्थान की बहन-बेटियों को न्याय दिलाने में मुख्यमंत्री विफल अपराध, दुष्कर्म व दलित महिलाओं से उत्पीड़न पर भाजपा का राजभवन कूच
राजस्थान में बेलगाम अपराध, दुष्कर्म, गैंगरेप एवं दलित महिलाओं के साथ उत्पीड़न के मुद्दे पर कांग्रेस की गहलोत सरकार के खिलाफ भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डाॅ. सतीश पूनियां की अगुवाई में बुधवार को 5 सदस्यीय प्रतिनिधिमण्डल ने राज्यपाल कलराज मिश्र को ज्ञापन देकर कानून व्यवस्था की समीक्षा और हस्तक्षेप की मांग की है। प्रतिनिधिमंडल में पूनियां के साथ नेता प्रतिपक्ष गुलाब चन्द कटारिया, उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़, सांसद जसकौर मीणा, प्रदेश महामंत्री एवं विधायक मदन दिलावर शामिल थे।
पूनियां ने कहा कि महिलाओं, बालिकाओं के साथ दुष्कर्म, गैंगरेप एवं दलितों के साथ अत्याचारों से राजस्थान शर्मसार हो रहा है। शांत प्रदेशों में शुमार राजस्थान गहलोत सरकार के शासन में अपराधों की राजधानी बन गया है। दिसम्बर 2018 से अगस्त 2020 तक भारतीय दण्ड संहिता के तहत 4 लाख 35 हजार आपराधिक मुकदमे राज्य के विभिन्न थानों में दर्ज हो चुके हैं। महिलाओं के प्रति अपराधों में देशभर में राजस्थान का दूसरा स्थान है। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो की रिपोर्ट के अनुसार दुष्कर्म से सम्बन्धित अपराधों में राजस्थान का प्रथम स्थान होना प्रदेश के लिए दुर्भाग्य की बात है।
गहलोत के पास नहीं मॉनिटरिंग की ठोस व्यवस्था
नेता प्रतिपक्ष गुलाब चन्द कटारिया ने कहा कि राजस्थान की बहन-बेटियों को न्याय दिलाने में मुख्यमंत्री विफल हैं। प्रदेशभर में बहन-बेटियों की सुरक्षा एक बड़ा मुद्दा बन चुका है। विभिन्न जिलों में महिलाओं एवं बच्चियों के साथ दुराचार की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं, लेकिन प्रदेश के मुखिया अशोक गहलोत कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा पा रहे हैं और ना ही अपराधों की समीक्षा के लिए उनके पास मॉनिटरिंग की कोई ठोस व्यवस्था है।
डर के माहौल में जी रही बहन-बेटियां
उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने कहा कि महिला उत्पीड़न की दृष्टि से प्रदेश की स्थिति बहुत ही भयावह है, अपराधियों के हौसले बुलंद हैं, कानून व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतर चुकी है। ऐसे में हमारे प्रदेश की बहन-बेटियां डर के माहौल में जी रही हैं। उन्होंने कहा कि सीएम गहलोत कानून व्यवस्था को संभालने में फेल रहे हैं। ऐसी सरकार को सत्ता में रहने का नैतिक अधिकार नहीं है।
दीया कुमारी ने भी अलग से राज्यपाल को दिया ज्ञापन
भाजपा प्रतिनिधिमंडल से पहले सांसद दीया कुमारी ने भी राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा। एक ही दिन में एक ही मामले को लेकर दो-दो ज्ञापन देने को लेकर सवाल भी उठे। पूनियां ने कहा कि राजभवन से पांच लोगों को ही अनुमति मिली थी। ऐसे में महिला होने के नाते उन्होंने ज्ञापन सौंपा है। आगे भी कई और नेता ज्ञापन देंगे! गौरतलब है कि राजभवन ने दीया कुमारी को प्रतिनिधिमंडल से पहले ज्ञापन देने के लिए आमंत्रित किया था! दीयाकुमारी ने 3-4 दिन पहले राज्यपाल से मिलने का समय मांगा था।
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