10 वर्षों में सबसे कम प्रदूषित रही दिवाली की रात, रायपुर में 5.89, बिलासपुर में 7.52 और भिलाई में 9.3 प्रतिशत की कमी
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के निर्देशों के बाद छत्तीसगढ़ के बड़े शहरों में दिवाली की रात केवल दो घंटों के लिये पटाखे चलाने की छूट थी। इसके बावजूद पूरी रात पटाखे फोड़े जाते रहे। इसके बाद भी छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल का दावा है, पिछले 10 वर्षों में शहरों की हवा सबसे कम प्रदूषित रही है।
राजधानी रायपुर में इस बार दीपावली में वायु प्रदूषण पी.एम.-10 पिछले साल के औसत की तुलना में लगभग 5.89 प्रतिशत कम रहा।
बिलासपुर में वायु प्रदूषण पी.एम.-10 पिछले साल की तुलना में लगभग 7.52 प्रतिशत कम एवं भिलाई में औसतन वायु प्रदूषण के स्तर में करीब 9.3 प्रतिशत की कमी दर्ज की गयी।
रायपुर शहर में औसत परिवेशीय वायु गुणवत्ता (पीएम-10) अर्थात हवा में धूल के कणों की संख्या इस वर्ष 64.33 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर रही।
इसी तरह सल्फरडाई आक्साइड गैस का स्तर भी 5.30 प्रतिशत कम होकर 16.60 और नाइट्रोजन आक्साइड गैस का स्तर लगभग 4.7 प्रतिशत कम होकर 25.75 पाया गया।
रायपुर शहर में दीपावली पर ध्वनि प्रदूषण में भी लगभग 3.62 प्रतिशत कमी पाई गई। इस बार रायपुर में ध्वनि की औसत तीव्रता 65.53 डेसीबल दर्ज की गयी। भिलाई में इस बार ध्वनि की औसत तीव्रता 71.13 डेसीबल दर्ज की गयी।
इन स्थानों पर मापा गया प्रदूषण का स्तर
रायपुर सिटी कोतवाली- पी.एम. 10 – 71.0
रायपुर एम्स के पास – पी.एम. 10 – 56.6
रायपुर जिला अस्पताल पंडरी – पी.एम. 10 – 65.33
बिलासपुर व्यापार विहार – पी.एम. 10 – 55.0
बिलासपुर ट्रैफिक थाना – पी.एम. 10 – 68.0
भिलाई 5/32 बंगला – पी.एम. 10 – 55.4
भिलाई सिविक सेंटर – पी.एम. 10 – 63.8
दुर्ग सिटी कोतवाली – पी.एम. 10 – 66.2
(स्रोत: छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल, आंकड़े माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर में)
एयर क्वालिटी इंडेक्स नहीं बताया
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने पटाखों से जुड़े अपने आदेश में शहरों के एयर क्वालिटी इंडेक्स के आधार पर पटाखों पर प्रतिबंध लगाने की बात कही थी।
मुख्य सचिव आरपी मंडल की ओर से सभी कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को जारी निर्देशों में एयर क्वालिटी इंडेक्स रिपोर्ट के आधार पर ही दिवाली की रात दो घंटे ही पटाखे चलाने की छूट देने काे कहा गया था।
पर्यावरण संरक्षण मंडल को प्रतिदिन एयर क्वालिटी इंडेक्स को वेबसाइट पर प्रकाशित करने को कहा गया। लेकिन मंडल ने ऐसा नहीं किया। हालांकि मंडल के सदस्य सचिव आरपी तिवारी का दावा है, एनजीटी के निर्देशों का पालन कराया गया है। इसी की वजह से वायु प्रदूषण में कमी दिख रही है।
आखिरी अपडेट अगस्त में
पर्यावरण संरक्षण मंडल की आधिकारिक वेबसाइट पर एयर क्वालिटी इंडेक्स अपडेट नहीं है। आखिरी बार इसमें 24 अगस्त 2020 के एयर क्वालिटी इंडेक्स को अपडेट किया गया है।
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