सूरजपुर की 10 पंचायतों में एक करोड़ से लगे गोबर गैस प्लांट बंद, घरों तक नहीं पहुंच रही गैस
सूरजपुर जिले में आदर्श गोठान पंचायतों में लाखों रुपए खर्च कर छह माह पहले गोबर गैस प्लांट लगाए गए, लेकिन देखरेख और मेंटेनेंस के साथ गोबर के अभाव में इसका सही तरीके से लाभ नहीं मिल रहा है तो खड़गवाकला में लगा प्लांट चार माह से बंद पड़ा है। बता दें कि गोधन योजना के तहत भारत स्वच्छ मिशन के तहत एक एक प्लांट पर 10 से 15 लाख तक खर्च किया गया था। ग्रामीणों का कहना है कि प्लांट में डालने के लिए उनके घरों में इतना गोबर ही नहीं होता है तो कहां से गैस बनेगी। वहीं वे मेंटेनेंस नहीं करने का भी आरोप लगा रहे हैं।
दैनिक भास्कर पड़ताल में खुलासा हुआ कि पुणे की एक कम्पनी ने सूरजपुर जिले के प्रतापपुर ब्लाॅक के खड़गवाकला, सूरजपुर ब्लाॅक के केशवनगर, पास्ता सहित अन्य पंचायतों में गोबर गैस प्लांट स्थापित कराया था। इसके लिए पेमेंट ग्राम पंचायतों के माध्यम से ही एसबीएम योजना से किया गया था। दैनिक भास्कर टीम खड़गवाकला पहुंची तो वहां मटुकधारी सिंह मिले। उनके घर के बाहर प्लांट लगा है और गैस का कनेक्शन उनके घर तक गया है।
अंबिकापुर से दो ट्रॉली गोबर लाकर डाला था
खड़गवाकला में जनवरी में प्लांट लगाया गया। तब गांव में गोबर नहीं मिलने पर दो ट्रैक्टर ट्राली गोबर अंबिकापुर से मंगाया गया। इसके बाद प्लांट शुरू हुआ। यहां 13 मकानों में गैस कनेक्शन दिया गया। इसके बाद गोबर और पानी के घोल को टंकी में डालने वाला पम्प ही काम करना बंद कर दिया। हाथ में घोल को डालकर चलाने की कोशिश की। इसके बाद गैस का बैलून पंक्चर हुआ। 4 माह से बंद है।
गोबर के अभाव में नहीं हो पा रही गैस की आपूर्ति
केशवनगर के ग्राम सचिव ने बताया कि उनके पंचायत में 15 लाख की लागत से प्लांट लगाकर 25 मकानों में गैस कनेक्शन दिया गया, लेकिन गोबर इतना नहीं मिलता कि सभी के घरों में गैस की आपूर्ति हो सके। 25 में से 10 मकानों में गैस जा रही है। इसी तरह पास्ता के सचिव ने बताया कि उनके पंचायत में भी गोबर के अभाव में प्लांट से सभी कनेक्शन पर गैस की आपूर्ति नहीं हो पा रही है।
लगाने के बाद मेंटेनेंस के लिए नहीं आ रही टीम
बताया जा रहा है कि गोबर गैस सयंत्र में मशीनरी की खरीदी के लिए पंचायतों से कोई राय नहीं ली गई। अधिकारियों ने चेक के माध्यम से पेमेंट करने के लिए कहा और वे अधिकारियों के इस निर्णय का विरोध नहीं कर सकते थे। इसके बाद भी प्लांट को लगाने वाली कम्पनी को समय समय पर इंजीनियर भेजकर जांच कराना चाहिए था। वहीं गोबर की कमी की वजह से प्लांट से गैस आपूर्ति बाधित हो रही है।
मंत्रियों ने पी थी चाय, धुएं से नहीं मिली मुक्ति
सुंदरपुर ग्राम पंचायत में प्लांट लगाने के बाद जब उसका उद्घाटन हुआ तब खाद्य मंत्री के अलावा शिक्षा मंत्री और विधायक पहुंचे थे। उन्होंने गोबर गैस के चूल्हे से बने चाय की चुस्की ली थी और कहा था कि अब महिलाओं को धुंआ से मुक्ति मिलेगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
सीईओ ने सवाल सुनकर जवाब ही नहीं दिया
सूरजपुर कलेक्टर रणवीर शर्मा और जिला पंचायत सीईओ आकाश छिकारा से इस मामले में बात करने की कोशिश की गई। कलेक्टर ने तो फोन ही रिसीव नहीं किया तो जिला पंचायत सीईओ ने पूरी बात सुनने के बाद जवाब नहीं दिया।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3lcnCQB
via IFTTT
No comments