देवउठनी आज, इस साल शादी के लिए सिर्फ 7 मुहूर्त
दीपावली के बाद अब बुधवार को देवउठनी एकादशी मनाई जाएगी। इसके बाद शादी-विवाह सहित दूसरे मांगलिक कार्य शुरू हो जाएंगे। लोक परंपरा में इस एकादशी को अबूझ मुहूर्त माना जाता है, इसलिए इस दिन हर तरह के शुभ काम हो सकते हैं।
शहर के ज्योतिषाचार्य पं. रामरजनीश बाजपेई ने बताया कि इस नवंबर महीने में शादी के लिए देवउठनी एकादशी को मिलाकर सिर्फ दो ही दिन मुहूर्त हैं। वहीं दिसंबर में विवाह के लिए 5 मुहूर्त रहेंगे। 11 दिसंबर साल का आखिरी मुहूर्त होगा। ऐसे में शहर में टेंट हाउस वालों के पास करीब 50 शादियों के लिए बुकिंग है, जबकि इस साल डीजे को कोई अनुमति नहीं दी गई है।
वहीं टेंट हाउस संचालक बताते हैं कि कलेक्टर की अब तक कोई गाइडलाइन जारी नहीं हुई है, ऐसे में शादी-विवाह के लिए क्या रूपरेखा होगी, इस पर असमंजस की स्थिति बनी होने की बात भी कही जा रही है। इधर अगले साल भी विवाह की धूम आधा अप्रैल गुजरने के बाद ही होगी, क्योंकि जनवरी से मार्च 2021 तक विवाह का सिर्फ एक ही मुहूर्त है, जो 18 जनवरी को पड़ रहा है। इसके बाद सीधे 22 अप्रैल से मांगलिक कार्य शुरू होंगे।
तुलसी विवाह के दिन ज्यादा होती हैं शादियां
पं. बाजपेई ने बताया कि देव प्रबोधिनी एकादशी पर तुलसी शालिग्राम विवाह की परंपरा है, इसलिए इस दिन को विवाह के लिए शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन किया गया विवाह कभी नहीं टूटता और दांपत्य सुख भी हमेशा बना रहता है। इसके अलावा अक्षय तृतीया और वसंत पंचमी को भी अबूझ मुहूर्त मानते हुए शादियां की जाती हैं। इस साल जनवरी से मार्च तक होली से पहले 19 दिन ही मुहूर्त थे। फिर 15 मार्च से मलमास शुरू हो गया और कोरोना के चलते लॉकडाउन में अप्रैल से जून तक 23 मुहूर्त निकल गए। फिर चातुर्मास के दौरान जुलाई से 24 नवंबर तक विवाह नहीं हो पाए।
डीजे को अनुमति नहीं मिल रही, लाखों का नुकसान
इस साल शादियों में डीजे को अनुमति नहीं दी गई है, ऐसे में डीजे ऑपरेटर सालभर से खाली बैठे हुए हैं। एक डीजे ऑपरेटर संदीप ने बताया कि लाखों रूपए का सेटअप खरीद रखा है। डीजे को अनुमति नहीं मिल पाने के कारण उनका काम बंद पड़ा हुआ है, जिससे उन्हें खासा नुकसान हो रहा है। लाखों का सेटअप बेकार हो गया है।
दिसंबर तक करीब 50 शादियों के टेंट के ऑर्डर
शहर के टेंट व्यवसायी पंकज झा ने बताया कि शहर के टेंट हाऊस में दिसंबर तक करीब 50 शादियों के ऑर्डर हैं, लेकिन कलेक्टर की अब तक कोई गाइडलाइन जारी नहीं हो सकी है। इसके चलते असमंजस की स्थिति बनी हुई है कि आखिर टेंट हाऊस संचालकों का क्या होगा। लॉकडाउन के बाद अब तक तो अच्छे ऑर्डर मिल रहे हैं, लेकिन अगर कोई गाइडलाइन आ जाती है, जिसमें टेंट व्यवसाय प्रभावित हो सकता है तो मुसीबत होगी। लेकिन टेंट व्यवसायी सकारात्मक सोच के साथ काम कर रहे हैं।
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