शहर से डैम तक पहुंचने में गोताखोरों को लगे 8 घंटे, शाम तक ढूंढ नहीं पाए
दसवीं की मेरिट लिस्ट में तीसरा स्थान लाने वाले होनहार छात्र की डैम में डूब गया। बुधवार की सुबह डैम में नहाने के लिए कूदा छात्र का शाम तक कुछ पता नहीं चल सका। पुलिस ने ढूंढने के लिए गोताखोरों की टीम को बुलाया पर टीम को 60 किमी की दूरी तय करने में छह घंटे लग गए। देर शाम छात्र को डेम से खोजने के लिए जशपुर से गोताखोरों की टीम भी मौके पर पहुंच गई थी।
मामला जिले के नारायणपुर थाना क्षेत्र के बेलसूंगा की है। रनपुर निवासी छात्र चिराग चौहान बुधवार की सुबह 10 बजे घर से निकलकर नहाने के लिए दोस्तों के साथ बेलसुंगा डैम गया था, जहां डैम में कूदने के बाद वह देर तक पानी से बाहर नहीं निकला। उसके डैम से बाहर नहीं निकलने पर उसके साथी बच्चों ने आसपास के लोगों को जानकारी दी तो डैम के पास भीड़ जुट गई। ग्रामीणों ने डैम में चिराग को खोजने की बहुत कोशिश की, लेकिन जल भराव की वजह से खोजने में असफल रहे। चिराग के डैम में डूबने की सूचना से पूरे गांव में मातम का महौल है वहीं चिराग के परिवार वाले सदमे में है।
6 घंटे बाद पंहुची गोताखोरों की टीम
सुबह 9 बजे बेलसुंगा डेम में छात्र के डूबने के बाद इसकी सूचना ग्रामीणों ने नारायणपुर पुलिस को दी थी। सूचना मिलने में पुलिस की टीम भी मौके पर पहुंच गई थी। पुलिस की मौजूदगी में स्थानीय लोगों ने डैम में छात्र की तलाश करने का प्रयास किया, लेकिन डेम में जल भराव अधिक होने से स्थानीय लोगों छात्र को खोजने में सफल नहीं हो पाए थे, जिसके बाद नारायणपुर पुलिस ने जिला मुख्यालय में संपर्ककर गोताखोरों को मौके पर भेजने की बात कही थी। नारायणपुर पुलिस ने जिला मुख्यालय में सूचना देने के बाद जशपुर से गोताखोरों की टीम की घटनास्थल के लिए रवाना कर दिया। बताया जाता है कि जशपुर से 60 किलोमीटर दूर घटना स्थल तक पहुंचने में गोताखोरों को 6 घंटे से अधिक का समय लग गया। देर शाम लगभग 5 बजे गोताखोरों की टीम मौके पर पहुंच कर डेम में डूबे छात्र की तलाश शुरू की, लेकिन रात हो जाने के कारण गोताखोरों ने रेस्क्यू ऑपरेशन बंद कर दिया है। बताया जा रहा है कि गुरुवार की सुबह फिर से एक बार डैम में चिराग की तलाश शुरू की जाएगी।
दो बहनों को अब भी भाई के लौटने का इंतजार
चिराग चौहान शुरू से ही होनहार छात्र था और 2019 में 10 वीं की बोर्ड परीक्षा में चिराग ने 98 प्रतिशत अंक लाकर पूरे प्रदेश में तीसरे स्थान पर अपनी जगह बनाई थी। बताया जाता है कि उसके पिता फौज में थे और लगभग 3- 4 वर्ष पहले उसके पिता की मौत हो चुकी है, वहीं चिराग जब छोटा था, उस समय ही उसकी मां की मौत हो गई। चिराग अपने घर का इकलौता बेटा था और उसकी दो बड़ी बहन है। चिराग और उसकी दोनों बड़ी बहन अपनी मौसी के यहां रहकर अध्ययन अध्यापन कर रहे हैं।
बुजुर्ग कर्मचारी के पहुंचने पर भड़के ग्रामीण
बुधवार की सुबह 9 बजे से जलाशय में डूबा छात्र का शाम तक पता नहीं चला। ग्रामीणों के बार अफसरों से बात करने के बाद भी दोपहर तक गोताखोरों की टीम नहीं पहुंच पाई थी। आक्रोशित ग्रामीणों की भीड़ ने जलसंसाधन के कर्मचारियों के नहीं व बाद में एक बुजुर्ग कर्मचारी को मौके पर गेट खोलने के लिए भेजने पर ग्रामीण भड़क गए और हाथापाई तक करने पर उतारु हो गए। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग के अधिकारी ने फोन तक नहीं उठा रहे हैं । ऐसे में प्रशासन से कोई उम्मीद नहीं की जा सकती है। गोताखोरों को बुलाने के लिए भी कई बार पुलिस प्रशासन से संपर्क किया गया पर बहानेबाजी के कारण 8 घंटे बीतने पर भी घटना स्थल पर टीम नहीं पहुंची। ग्रामीणों ने काफी खोजने की कोशिश भी की थी लेकिन असफल रहे । कुनकुरी तहसीलदार अविनाश चौहान ने मौके पर पहुंचकर मामले को शांत कराया। तहसीलदार ने बताया की बेपरवाह अधिकारियों और कर्मचारियों पर बाद में कार्यवाही की जाएगी अभी छात्र को जल्द से जल्द पानी से बाहर निकालने की व्यवस्था बनाई जा रही है। थाना से बात हुई है गोताखोर की टीम को लेकर घटना स्थल पर पहुंचे।
छात्र को ढूंढने के लिए आज फिर करेंगे प्रयास
"डैम में डूबे छात्र की तलाश के लिए जशपुर से गोताखोरों की टीम को मौके पर बुलाया है। गोताखोरों द्वारा छात्र को खोजने का प्रयास किया जा रहा है। यदि जशपुर के गोताखोरों की टीम छात्र को खोजने में असफल रहती है तो अंबिकापुर से गोताखोरों की टीम को बुलाई जाएगी।''
-ललित सिंह नेगी, थाना प्रभारी नारायणपुर
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