पति की मौत की खबर सुनी तो पॉलीथिन से खुद का मुंह लपेटा, फिर दुपट्टे से कसकर कर ली खुदकुशी, मोबाइल पर स्टेटस लिखा- अलविदा, भूलचूक माफ
भिलाई-3 के गांधी नगर इलाके में शनिवार देर रात 13 साल की एक प्रेम कहानी का दुखद अंत हो गया। जाहिद अख्तर अली की लंबी बीमारी के बाद रायपुर के डीकेएस अस्पताल में मौत हो गई। पति की मौत की खबर सुनते ही पत्नी निखत अंजुम ने भी हैरान करने वाले अंदाज में खुदकुशी कर ली। मौत को गले लगाने के पहले निखत ने अपने और पति के मोबाइल पर स्टेटस डाला। इसमें लिखा- अलविदा दोस्तों, भूल-चूक माफ करना। इसके बाद अपने चेहरे पर पॉलिथीन लपेटकर दुपट्टे से गर्दन और पॉलिथीन को बांध लिया। चंद मिनटों में दम घुटने से उसकी भी मौत हो गई। सोशल मीडिया में स्टेटस पढ़कर परिचित पति-पत्नी दोनों के नंबर पर फोन लगाते रहे। लगातार मोबाइल की रिंग सुनकर अस्पताल की नर्स निखत के पास पहुंची। इसके बाद उसे खुदकुशी का पता चला। इसके बाद उसने फोन रिसीव करके परिजन को घटना की सूचना दी। रविवार को दंपती का भिलाई-3 स्थित कब्रिस्तान में अंतिम संस्कार किया गया।
दुर्ग से किया गया था रायपुर रेफर
रायपुर के गोलबाजार थाना पुलिस के मुताबिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्पष्ट हुआ है कि निखत अंजुम (45 वर्ष) की मौत दम घुटने से हुई है। प्राथमिक पूछताछ में पता चला है कि निखत के पति जाहिद अख्तर (46 वर्ष ) को 13 नंवबर को दुर्ग से रेफर करके पहले मेकाहारा अस्पताल लेकर आए थे। प्राथमिक इलाज के बाद जाहिद को एक निजी अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया था। 14 नंवबर की रात करीब 10 बजे बीमारी के कारण जाहिद की मौत हो गई थी। लिखापढ़ी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम रूम में रखवा दिया गया था। इसके बाद निखत अस्पताल की लॉबी में पहुंच गई थी। पति के इलाज कराने के दौरान वह अक्सर लॉबी में सो जाती थी।
मकान खरीदकर गांधी नगर शिफ्ट हुआ परिवार, तब शुरु हुई दोनों की प्रेम कहानी
जाहिद के दोस्त डीके साहू ने बताया कि निखत के पिता रेलवे में थे। रिटारयमेंट के बाद निखत के पिता ने गांधी नगर इलाके में मकान खरीदकर शिफ्ट हो गए थे। वर्ष 2004 की बात होगी। मोहल्ले में आसपास रहने के कारण निखत और जाहिद की दोस्ती हो गई। चार साल के बाद वर्ष 2008 में दोनों ने लव मैरिज कर लिया। निकाह करने के बाद दोनों खुर्सीपार स्थित बीएसपी के क्वार्टर में साथ में रहने लगे थे। जाहिद निजी कंपनी में नौकरी करता था। जबकि निखत घर पर ही सिलाई कढ़ाई केंद्र संचालित करती थी।
प्रेम विवाह के बाद बदल लिया था नाम, पुष्पा से बनीं निखत
जाहिद के दोस्त ने बताया कि जाहिद की पत्नी निखत का नाम पुष्पा था। जाहिद से शादी करने के बाद उसने नाम बदल लिया था। इसके बाद पुष्पा का नाम निखत अंजुम हो गया था। जाहिद को 10 नवंबर को पैरालिसिस अटैक आया था। इसके बाद उसे दुर्ग जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। तीन दिनों तक जाहिद का दुर्ग अस्पताल मेंं इलाज चलता रहा। इसके बाद रायपुर रेफर कर दिया गया था। दोस्तों को शंका है कि दंपती की कोई संतान नहीं थी। संभवत: इस वजह से भी पति की मौत के बाद पत्नी ने खुदकुशी कर ली।
सोशल मीडिया पर स्टेटस देखकर परिचितों ने लगाया था फोन
निखत ने खुदकुशी करने के बाद अपने और पति के मोबाइल नंबर पर स्टेटस अपडेट किया था। जिसमें उसने लिखा था अलविदा दोस्तों भूलचूक माफ। स्टेटस पढ़ने के बाद कई परिचितों ने दंपती को उनके नंबर पर फोन लगाया था। लेकिन निखत दोनों नंबर को रिसीव नहीं कर रही थी। लगातार मोबाइल पर घंटी बजने की आवाज सुनकर अस्पताल की नर्स निखत के पास गई थी। जिसके बाद घटना का पता चल पाया था। निखत ने पति के दोस्त डीके साहू को बताया था कि शादी के बाद उसे मायके और ससुराल पक्ष के सहयोग नहीं मिलता था।
दो वर्षों से पति की तबीयत खराब थी
पिछले दो वर्षों से जाहिद की तबीयत ज्यादा खराब रहने लगी थी। इस वजह से उसे 13 नंवबर को पहले दुर्ग जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहां से उसे रायपुर रेफर कर दिया गया था। इन दो वर्षों में कई बार उसे ट्विनसिटी के कई अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया था। इस वजह से उसकी लगातार वजन कम होने लगा था। पुलिस के मुताबिक जाबिद को टीबी और शुगर की बीमारी थी।
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