वैज्ञानिक समझ के साथ छात्र-छात्राएं स्थानीय समस्याओं पर बनाएं प्रोजेक्ट
राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस कोरिया की ऑनलाइन जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन शनिवार को हुआ। छात्रों में दैनिक जीवन में निर्णय लेने के लिए वैज्ञानिक समझ विकसित कर परियोजना निर्माण कार्य के लिए जिले के विज्ञान शिक्षकों को मार्ग दर्शन दिया गया। कार्यक्रम जिला शिक्षा अधिकारी संजय गुप्ता के निर्देशन में आयोजित किया गया था।
कार्यक्रम में जिला समन्वयक डॉ. डीके उपाध्याय ने कार्यशाला के उद्देश्य पर चर्चा करते हुए कहा कि परियोजना का फोकल थीम सतत जीवन के लिए विज्ञान जिसमें मानवीय क्रियाकलाप के कारण परितंत्र पर पड़ने वाले प्रभावों का अध्ययन किया जाएगा। रिसोर्स पर्सन ओपी. कटरे ने परियोजना की जानकारी देते हुए इस वर्ष के मुख्य कथानक सतत जीवन के लिए विज्ञान पर विस्तृत जानकारी देते हुए बाल वैज्ञानिकों द्वारा परियोजना का निर्माण किस प्रकार कराया जाए। इसे कार्यशाला में शामिल कर विज्ञान शिक्षकों को प्रभावपूर्ण ढंग से बताया। बता दें कि छात्रों द्वारा परियोजना निर्माण कार्य में स्थानीय समस्या के प्रति वैज्ञानिक समाधान नक्शा, आंकड़े, सर्वे, कार्य योजना, निष्कर्ष, भावी योजना, साक्षात्कार, लाॅग बुक, पोस्टर, स्लाइड, फोटोग्राफ्स की तैयारी के साथ प्रस्तुतीकरण किया जाएगा।
जिला समन्वयक डॉ. उपाध्याय ने बताया कि संस्थाओं में बाल वैज्ञानिकों का चयन कर पंजीयन का कार्य 10 दिसंबर तक पूर्ण करना है। जिला स्तरीय बाल विज्ञान कांग्रेस के आयोजन के लिए निर्धारित तिथि 18 दिसंबर रखी गई है। कार्यशाला का संचालन आनंद प्रकाश विश्वकर्मा व आभार प्रदर्शन संजय कुमार जायसवाल ने किया।
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