हाथियों से लोगों को बचाने उपाय नहीं कर रहा विभाग
सोमवार को जनपद पंचायत डाैंडी के सभागार में क्षेत्र के हाथी प्रभावित गांवों के लोगों की बैठक एसडीएम रामसिंह ठाकुर ने ली। ग्रामीणों ने वन विभाग के प्रति आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि डौंडी क्षेत्र में पिछले 2 महीने से हाथी इस गांव से उस गांव घूम कर किसानों की फसल व मकानाें काे नुकसान पहुंचा रहा है। लिमउड़ीह के एक 17 साल के बच्चे को अपने जान से हाथ धोना पड़ा। जनपद उपाध्यक्ष पुनीतराम सेन ने कहा कि वन विभाग द्वारा हाथियों से लोगों को बचाने के लिए किए जा रहे प्रयास पर्याप्त नहीं है। हाथी को बाहर निकालने के लिए जल्दी ही महावत बुलाया जाए। क्षतिपूर्ति की राशि को बढ़ाकर भुगतान जल्द किया जाना चाहिए।
एसडीएम रामसिंह ठाकुर ने कहा कि जिस क्षेत्र में हाथी आया हो उसका लोकेशन पता करके आसपास के गांवों में मुनादी कराकर जानकारी दें। उजाले के लिए लाइट, मशाल जलावे ताकि हाथी गांव में ना आए। यह प्रयास सबको मिलकर करना है। साथ ही हाथी को दौड़ाना या मारना नहीं है, ऐसा करने से हाथी और उग्र हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि रायगढ़ जिले के हाथी प्रभावित क्षेत्र घरघोड़ा में 10 साल रहे और अपने तहसीलदारी कार्यकाल में हाथियों के संबंध में अनुभव हैं। इसके अलावा मूलगांव सिरपुर महासमुंद भी 15 साल से हाथी प्रभावित क्षेत्र है। जो लोग हाथियों से दुर्व्यवहार किए उनको चिन्हित करके नुकसान पहुंचाया गया। इसलिए हाथियों से किसी भी तरह की छेड़छाड़ ना करें।
गांव में हाथी के आने पर वन कर्मियों को दें सूचना
वन विभाग के एसडीओ डीके सिंह ने कहा गांव के आसपास हाथी आने पर सूचना वन विभाग के लोगों को भी देवें। हाथी को भगाने के लिए पटाखा ना फोड़े। आग से डराने का प्रयास ना करें। हाथी गांव क्षेत्र में आने पर गांव से अलग में बसे हुए लोगों काे गांव के पक्के घरों में शिफ्ट करे, ऐसा करने से लोग सुरक्षित तो रहेंगे। दो- तीन दिन में महावत आ जाएगा।
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