10 साल पुराना बांध टूटा, 35 एकड़ में लगी धान की फसल बर्बाद, किसान बोले- अब अनाज कहां से लाएंगे
कोरिया जिले में पिछले कई दिनों से मूसलाधार बारिश होने के कारण जिले के कई नदी-नाले उफान पर हैं। वहीं किसानों को उनके फसलों की क्षति होने के कारण काफी नुकसान उठाना पड़ा है।
16 अगस्त को मूसलाधार बारिश होने से ब्लॉक मनेंद्रगढ़ के ग्राम पंचायत सोनहरी के ग्राम नगवा में 10 साल पहले बने राजा बांध के ध्वस्त होने से बांध के नीचे के किसानों की फसलों के रेत और मिट्टी से पट गई है। इससे किसानों का भारी नुकसान हुआ है। ग्राम नगवा में बांध के नीचे की जमीन में लगभग 30 से 35 एकड़ में धान की रोपाई की गई थी। सभी खेतों में लगभग दो-तीन फुट कीचड़ और बालू के पट जाने से नगवा के ग्रामीणों में हाहाकार मचा हुआ है। यहां के ग्रामीण इसी चिंता में डूबे हुए हैं कि साल भर वे अनाज कहां से लाएंगे। ग्रामीण सीताराम, सूरज लाल, संतोष, बहादुर राम, जयंत कुमारी, बहादुर राम काशी आदि का कहना है कि बारिश और बांध के ध्वस्त होने से उनकी फसल को तबाह हुए 5 दिन बीत चुके हैं, लेकिन उनका दर्द महसूस करने के लिए शासन-प्रशासन का कोई भी नुमाइंदा और जनप्रतिनिधि उन तक
नहीं पहुंचा है।
ग्राम पंचायत सोनहरी की महिला सरपंच अनीता सिंह ने बताया कि वर्ष 2010-11 में कृषि विभाग द्वारा राजा के नाम से मशहूर पहाड़ी नाला में मिट्टी का बांध बनाया गया था। मूसलाधार बारिश की वजह से बांध के ध्वस्त हो जाने के कारण 30 से 35 एकड़ में धान की फसल तबाह हो गई है। यहां करीब 15 किसान प्रभावित हुए हैं। वहीं सरपंच पति भागवत प्रसाद ने बताया कि बांध के फूटने से खेत मलबे और कीचड़ से पटे हुए हैं। करीब दस साल पहले बनाए गए बांध की दशा कमजोर हो चली थी।
उन्होंने बताया कि इसकी सूचना कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तक पहुंचाई गई थी, लेकिन किसी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। इसकी वजह से आज किसान कुदरत की मार से तबाह हो चुके हैं। प्रभावित किसानों ने क्षतिपूर्ति के लिए शासन-प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है।
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