16 साल से बच्चों को मुफ्त में दे रहे ट्रेनिंग, 150 से ज्यादा को नेशनल हॉकी तक पहुंचाया
बस्तर में खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए कोच अपना जीवन समर्पित कर रहे हैं। ऐसे ही शहर में बच्चों और युवाओं में हॉकी के मैदान में आत्मविश्वास जगाने का काम अजीम मोहम्मद कर रहे हैं। पेशे से वकील अजीम बीते करीब डेढ़ दशक से हॉकी सिखा रहे हैं। बच्चों को सिखाने में उनकी पत्नी सईदा अजीम भी उनकी पूरी मदद करती हैं। वे बालिकाओं को हॉकी सिखाती हैं। उनके सिखाए कई बच्चे नेशनल हॉकी स्पर्धाओं में भी भाग ले चुके हैं। ये अपने आप में बड़ी बात है कि अजीम बिना किसी सरकारी मदद और जनसहयोग के सिर्फ अपने पैसे खर्च कर बच्चों और युवाओं को हॉकी सिखा रहे हैं। वे बताते हैं कि भारत का राष्ट्रीय खेल हॉकी है, लेकिन इसी खेल में बस्तर के बच्चे पीछे हैं।
बच्चों को अपने पैसों से लाकर देते हैं स्टिक
भास्कर से चर्चा के दौरान अजीम ने बताया कि वे साल 2004 से बच्चों और युवाओं को हॉकी सिखा रहे हैं। उन्होंने बताया कि वे पहले हॉकी खिलाड़ी रह चुके हैं और चूंकि ये भारत का राष्ट्रीय खेल है, ऐसे में इससे अलग लगाव रहा है। पहले बस्तर हाईस्कूल में हॉकी के अभ्यास के दौरान वे पहुंचते तो देखते कि कई बच्चे हॉकी खेलने की इच्छा के बावजूद खेल नहीं पाते थे। ऐसे 22 बच्चों को चुना। अपने पैसों से स्टिक दी और उस दिन से अभ्यास शुरू हो गया।
पेशे से वकील अजीम ने अब तक नहीं ली सरकारी या संगठनों की कोई मदद, अपने बूते सिखा रहे हॉकी
पत्नी भी पूरी मदद करती हैं, बालिकाओं को हॉकी सिखाने महिला कोच की निभा रहीं भूमिका: अजीम के साथ उनकी पत्नी सईदा भी उनकी पूरी मदद करती हैं। हालांकि वे गृहिणी हैं, बावजूद वे बालिकाओं को हॉकी सिखाने में पीछे नहीं रहतीं। सईदा बताती हैं कि वे अपने पति के सपनों को पूरा करने के लिए तन-मन से उनके साथ खड़ी हुई हैं। यही कारण है कि पति-पत्नी दोनों ने मिलकर हॉकी को अपना जीवन बना लिया है और बच्चों को इस खेल में तैयार भी कर रहे हैं।
अजीम बताते हैं कि अब तक उन्होंने हॉकी सिखाने किसी भी तरह का न तो सरकारी सहयोग लिया और न ही किसी संस्था या संगठन ने उन्हें मदद की है। ऐसे में वे बच्चों को तैयार करने वकालत करने पर जो पैसे मिलते हैं, उनसे बच्चों के लिए हॉकी और जरूरी सामान खरीदकर लाते हैं और उन्हें बच्चों को दे देते हैं, जिससे वे बेहतर तरीके से अभ्यास कर सकें।
200 से ज्यादा खिलाड़ियों को सिखा चुके हैं अजीम
अजीम और उनकी पत्नी सईदा ने मिलकर 200 से ज्यादा खिलाड़ियों को हॉकी सिखाया है। इनमें से करीब डेढ़ सौ से ज्यादा खिलाड़ी राष्ट्रीय स्पर्धाओं में भी भाग ले चुके हैं। इनमें मयंक यादव, योगिता राठौर, विनिता दर्रो, योगिता दर्रो, श्रद्धा ठक्कर, विधि यादव, रिंकी ध्रुव और उनके जैसे कई खिलाड़ी शामिल रहे हैं। खिलाड़ी बताते हैं कि कोच और उनकी पत्नी, दोनों सुबह-शाम उपलब्ध रहते हैं। उन्होंने बताया कि वे न सिर्फ कोच, बल्कि पालक की तरह हमें सिखाते हैं।
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