3 इनामी के साथ 16 नक्सलियों ने किया सरेंडर, कहा- आजाद जीना चाहते हैं
स्वतंत्रता दिवस के दो दिन पहले 16 नक्सलियों ने पुलिस के सामने आकर सरेंडर किया है। एसपी कार्यालय में सीआरपीएफ डीआईजी विनय सिंह, एसपी डॉ अभिषेक पल्लव, सीआरपीएफ 230 बटालियन के सीओ डब्ल्यूआर जोसुआ, 111 बटालियन के सीओ अंब्रेश कुमार सहित अन्य अफ़सरों के सामने सरेंडर कराया गया। सभी ने सरेंडर के बाद कहा आजाद रहकर जीना है। अब असल आजादी मिली है।
नक्सलियों ने सरेंडर किया है, उनमें 3 झिरका, 6 बासनपुर व 7 कमालूर इलाके के रहने वाले हैं। राजेश भास्कर जनमिलिशिया कमांडर, सहदेव उर्फ सादे व भीमा तेलाम पर एक- एक लाख रुपये का इनाम है। जबकि बाकी सभी जनमिलिशिया सदस्य हैं। मुख्यधारा में शाम होने पर अधिकारियों ने इन अभी का ताली बजाकर स्वागत भी किया व प्रोत्साहन राशि दी गई। एसपी डॉ अभिषेक पल्लव ने बताया कि लोन वर्राटू अभियान शुरू होने के बाद डेढ़ महीने में ही 99 नक्सलियों में सरेंडर किया है। इस अभियान की सफलता है। इस मौके पर टूआइसी रविन्द्र कुमार, एसडीओपी देवांश सिंह राठौर, टीआई जिंतेंद्र कुमार, खोमन सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
गाड़ी सीखने भी दिखाई रुचि: सरेंडर के बाद सीआरपीएफ के अफसरों ने इन्हें बताया कि वाहन चलाने की ट्रेनिंग देकर पुलिस व प्रशासन के सहयोग से नौकरी भी दी जाएगी।
नक्सलियों की लड़ाकू टीम में भेजने की थी तैयारी
सरेंडर करने वालों में शामिल जनमिलिशिया सदस्य अनिता ने बताया कि 2 सालों से सीएनएम सदस्य के रूप में काम कर रही है। अब नक्सली उसे लड़ाके में शामिल कराने लेकर जा रहे थे। हथियार चलाने की ट्रेनिंग देने की बात कही थी। मां की मौत हो गई। घर पर छोटे भाई बहन हैं। मैं नक्सलियों के साथ काम नहीं करना चाहती इसलिए पुलिस के पास चली आई । अनिता की साथी सोनी ने बताया कि 3 साल से वह नक्सलियों के लिए काम कर रही है। अब ठीक नहीं लगता,इसलिए सरेंडर किया है।
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