दो दिन से हो रही बारिश, किसान बोले- अभी और पानी की जरूरत
जिले में पिछले 2 दिन से लगातार हल्की व मध्यम बारिश हो रही है। इससे मुरझाते धान की फसल व चिंतित किसानों को थोड़ी राहत मिली है। हालांकि किसानों का कहना है कि धान की बोआई के बाद से अब तक अच्छी बारिश नहीं होने से खेतों में दरारें पड़ चुकी हैं। इसकी भरपाई के लिए अभी भी लगातार अच्छी बारिश की जरूरत है।
सावन का महीना सूखे में बीतने के बाद भादो में एक बार फिर मौसम ने करवट ली है। सोमवार से ही काले बादल घिरे और मंगलवार व बुधवार को हल्की से मध्यम बारिश रुक-रुक कर हो रही है। बारिश होने से गर्मी और उमस से राहत मिली तो वहीं तापमान में भी गिरावट आई है। मौसम विभाग की माने तो आने वाले 24 घंटे में आसमान में बादल छाए रहेंगे। मौसम खुशनुमा बना रहेगा। ज्ञात हो कि इस साल बस्तर जिले के किसानों ने करीब एक लाख 3 हेक्टेयर में धान की खेती की है। बारिश की कमी के चलते किसान परेशान थे। कुछ ने इस समस्या से निजात पाने के लिए जहां बोर का सहारा लिया तो वहीं कुछ नदी व नाले के पानी का उपयोग कर फसल को बचाने में लगे हुए थे। सबसे अधिक परेशानी धान की रोपाई करने वाले किसानों को रही है। सहायक संचालक कृषि विकास साहू ने कहा कि इस खंड बारिश का फायदा किसानों को बड़े पैमाने पर मिलेगा।
खेत सूखने से फसल का रंग हो रहा था पीला
किसानों ने बताया अल्प वर्षा के चलते फसल पर कीट प्रकोप शुरू हो गया है। खराब मौसम के कारण तनाछेदक रोग तेजी से बढ़ रहा है। इसकी रोकथाम के लिए किसानों द्वारा किया गया प्रयास असफल हो रहा है। किसान परेशान नजर आ रहे हैं। किसान रामेश्वर, धनेश ्वर, लोकनाथ ने बताया कि खेतों में पानी की कमी के कारण धान के पौधे बढ़ नहीं पा रहे थे। इस बारिश से अब पौधों को फायदा होगा। किसानों ने कहा कि पानी के अभाव में फसल का रंग पीला पड़ रहा था। खेत सूखे होने से तनाछेदक रोग तेजी से फैल रहा है। इस रोग से धान के पौधे के तने में कीड़े लग जाते हैं। नियंत्रण के लिए किसान दवा छिड़क रहे हैं। बारिश होने से यह रोग फसलों को नहीं लगेगा।
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