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यौमे आशूरा रविवार को, इस बार सभी जगहों से नहीं निकलेंगे जुलूस; जगह-जगह लंगर नहीं करवा पाएंगे, मस्जिदों में होगी नमाज

मोहर्रम में हर साल की तरह इस साल शहर के किसी भी वार्ड में शहीदाने करबला की तकरीर (प्रवचन) का कार्यक्रम नहीं हुआ। प्रशासन की ओर से अनुमति नहीं होने की वजह से इस बार किसी भी मुस्लिम कमेटी ने तकरीर का आयोजन नहीं किया। मोहर्रम के महीने में 1 से 10 तारीख तक हर दिन आम लंगर और जगह-जगह शर्बत-खिचड़ा बांटने का कार्यक्रम भी होता था, लेकिन कोरोना की वजह से इस तरह के किसी भी कार्यक्रम का आयोजन नहीं किया जा रहा है।
इस बार मोहर्रम की 10 तारीख रविवार को होगी। इस दिन जोहर की नमाज के बाद यौमे आशूरा की दुआ पढ़ाई जाएगी। मस्जिदों में करबला की जंग में शहीद हुए इमामे हुसैन और उनके परिवारवालों को याद किया जाएगा। इस दिन खासतौर पर खिचड़ी-भाजी, शर्बत और खिचड़ा (हलीम) बनाकर घरों में फातिहा दिलाई जाएगी। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि इस बार शहर में मोमिनपारा आजाद चौक एवं ईरानी डेरा सिविल लाईन से ही केवल एक-एक ताजिया निकाले जाएंगे। आमतौर पर यौमे आशूरा के दिन दोपहर से देर रात तक ताजिया निकाले जाते थे जिन्हें बाद में करबला तालाब में विसर्जित किया जाता था। लेकिन इस बार ताजियां निकालने की अनुमति नहीं होने की वजह से कारीगरों ने ताजिये भी नहीं बनाए। पुलिस और प्रशासन के अफसरों ने बताया कि दोनों जातियों के साथ 4 और सवारी के लिए केवल 2 लोगों को साथ चलने की अनुमति दी गई है। इस दौरान लाउडस्पीकर और मातमी जुलूस में उपयोग में आने वाले शस्त्रों के प्रदर्शन पर भी रोक लगा दी गई है। पिछले हफ्ते हुई शांति समिति की बैठक में तय किया गया कि ताजियां अथवा सवारी एक साथ रैली के रूप में नहीं चलेंगी। ताजियों और रैलियों के दौरान जो लोग उसमें रहेंगे उन्हें सोशल डिस्टेसिंग के नियम का पालन करना होगा। सभी को मास्क पहनना होगा।

ताजियां के साथ ढोल और बैंड बाजा नहीं रहेगा
सभी ताजियां एवं सवारियां सूर्यास्त (मगरीब) के पहले करबला पहुंच जाए इसकी जिम्मेदारी संबंधित कमेटियों की होगी। ताजियां-सवारी के साथ ढोल, बाजा एवं किसी भी प्रकार के ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग की अनुमति नहीं दी गई है। इस बार मातमी जुलूस पर भी बैन लगा दिया गया है। कलेक्टर ने साफ कर दिया है कि कोरोना काल होने की वजह से सभी लोगों को इन नियमों का पालन करना होगा। अभी जितने भी त्योहार मनाए जा रहे हैं वो गाइडलाइन के अनुसार ही मनाए जा रहे हैं। इस दौरान नियमों का उल्लंघन किसी को भी नहीं करना दिया जाएगा। जो भी गाइडलाइन का पालन नहीं करेगा नियमानुसार उस पर कार्रवाई होगी।



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फाइल फोटो।


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