काले झंडे और पुतले का जवाब देने उसी स्कूल में फहराया तिरंगा जिसे नक्सलियों ने तोड़ा था
स्वतंत्रता दिवस पर दहशत फैलाने सक्रिय हुए नक्सली एक दिन पहले से इसका विरोध जताने जगह जगह बैनर पोस्टर लगाते रहे। 15 अगस्त को नक्सलियों ने काले झंडे लगाए तो उसके जवाब में सघन नक्सल प्रभावित इलाकों के ग्रामीणों ने नक्सलियों द्वारा तोड़े गए स्कूलों के समक्ष तिरंगा झंडा फहराया। भारी बारिश के बावजूद ग्रामीणों को बिना किसी खौफ के तिरंगा फहराते देखा गया। इस 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के दिन नक्सल प्रभावित गांवों में दो अलग अलग तस्वीरें नजर आई। कोयलीबेड़ा-मरकानार के बीच नक्सलियों ने नदी किनारे बैनर तथा काला पुतला लगाकर स्वतंत्रता दिवस का विरोध किया। इसके विरोध में आमाबेड़ा इलाके के गांव मुल्ले में तो ग्रामीणों ने उसी स्कूल भवन के सामने एक लकड़ी के खंबे में तिरंगा फहराया जिसे नक्सलियों ने कुछ सालोँ पहले तोड़ दिया था।
अंतागढ़ व कोयलीबेड़ा में कई गांव एेसे हैं जहां नक्सलियों का उत्पात 14 अगस्त से ही शुरू हो गया था, लेकिन इससे ग्रामीण जरा भी नहीं डरे। अंतागढ़ विकासखंड के गांव मुल्ला में 15 अगस्त को एक अलग ही नजारा था। आमाबेड़ा थाना से करीब 40 किमी दूर अर्रा जैसे धुर नक्सल संवेदनशील गांव मुल्ला में कुछ साल पहले नक्सलियों ने वहां के हाईस्कूल भवन को तोड़ दिया था। भवन तोड़कर नक्सलियों ने एसी दहशत फैलाई थी की राष्ट्रीय पर्व पर यहां तिरंगा फहराना भी मुश्किल हो गया था। इस बार ग्रामीण भी पर्व पर शिक्षकों के साथ दिखे। भारी बारिश के बावजूद राष्ट्रीय पर्व पर शिक्षक तो पहुंचे ही उनका साथ देेने ग्रामीण भी स्कूल पहुंचे। टूटे स्कूल भवन के सामने लकड़ी के खंभे में तिरंगा फहरा उसे सलामी दी।
कंदाड़ी में अब तक होता था बहिष्कार
कोयलीबेड़ा के गांव कंदाड़ी जैसे घोर नक्सल प्रभावित इलाके के स्कूल में इस साल शान से तिरंगा फहराया गया। कंदाड़ी के स्कूल की दीवारों में अबतक स्वतंत्रता व गणतंत्र दिवस के बहिष्कार के नारे लगे लिखे रहते थे। स्वतंत्रता दिवस पर नक्सलियों के बहिष्कार के फरमान के चलते कोई नदी उसपार के गांव में जाकर ध्वजारोहण का खतरा मोल भी नहीं लेना चाहता था। इस साल भारी बारिश व कोरेाना संक्रमण के बावजूद शिक्षक नदी पार कर वहां पहुंचे जिन्हें देख ग्रामीण भी जुटे। ग्रामीणों तथा शिक्षकों ने स्कूल में तिरंगा फहराया।
बस्तर डिवीजन कमेटी ने लगाया काला पुतला
स्वतंत्रता दिवस के विरोध में नक्सलियों ने कोयलीबेड़ा व मरकानार के बीच नदी तट पर बैनर पोस्टर लगाने के साथ ही एक काला रंग का पुतला भी लगाया। इस तरह का पुतला लगाए जाने से आसपास इलाके में दहशत फैली रही। बैनर में स्वतंत्रता दिवस बहिष्कार के साथ ही आदिवासियों के पक्ष में बातें लिखी गई है। उक्त बैनर पोस्ट उत्तर बस्तर डिविजन कमेटी द्वारा लगाया गया है। इसके अलावा गांव मर्राम व पानीडोबिर के खेतपारा में भी नक्सलियों ने स्वतंत्रता दिवस के विरोध में काले झंडे लगाए।
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