क्वारेंटाइन सेंटर सेे दो युवकों को एक महीने के बाद मिल गई आजादी
कोयलीबेड़ा विकासखंड के ग्राम पंचायत श्यामनगर क्वारेंटाइन सेंटर में रह रहे दो युवकों को स्वास्थ्य विभाग की नींद टूटने पर एक महीने के बाद घर भेज दिया गया है। अंत में 12 अगस्त की शाम स्वास्थ्य विभाग का अमला श्यामनगर क्वारेंटाइन सेंटर पहुंचा व मौके पर ही दोनों युवकों का एंटीजेन टेस्ट किया।
जांच में कोरोना निगेटिव पाए जाने पर स्वास्थ्य विभाग के अमले ने दोनों युवकों को घर के लिए रवाना कर दिया। क्वारेंटाइन सेंटर में रह रहे सूरज हालदार और सुकांत मंडल ने कहा कि क्वारेंटाइन सेंटर में रहते रहते उन्हें एक माह हो गया था। उनकी रिर्पोट तक नहीं आ रही थी। सेंटर में पड़े पड़े डिप्रेशन का शिकार हो रहे थे। भास्कर में खबर प्रकाशित होने के बाद सेंटर से आजादी मिली जिसके लिए दोनों युवकों और उनके परिवार ने भास्कर का धन्यवाद दिया।
स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से क्वारेंटाइन सेंटर में दो युवक एक महीने से लेंटर में ही रह रहे थे। उनका सैंपल लिया गया था लेकिन उनकी रिर्पोट ही नहीं आई। क्वारेंटाइन सेंटर प्रभारी के अलावा स्वास्थ्य विभाग के अमले को युवक तथा उनके परिजन फोन करते रहे लेकिन कोई उनकी सुनने वाला नहीं था। भास्कर ने दोनों युवकों की व्यथा 12 अगस्त को प्रमुखता से प्रकाशित की थी। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग का अमला क्वारेंटाइन सेंटर पहुंचा था।
अाप भी जानिए... क्या है पूरा मामला
दोनों युवक महाराष्ट्र से 14 जुलाई को वापस गांव लौटे थे। इनमें से एक युवक सूरज हालदार मुंबई और दूसरा युवक सुकांत मंडल नागपुर से लौटा था। दोनों को गांव के क्वारेंटाइन सेंटर में भेज दिया गया। एक सप्ताह सेंटर में रहने के बाद 21 जुलाई को दोनों युवकों का कोरोना जांच के लिए स्वाब सैंपल लिया गया। युवकों को बताया गया एक सप्ताह में जांच रिर्पोट आ जाएगी। यहां तक कहानी ठीक थी लेकिन इसके बाद दोनों युवकों की कोरोना जांच के इंतजार का जो सिलसिला शुरू हुआ तो क्वारेंटाइन सेंटर में बंद दोनों युवक ही नहीं उनका परिवार और पूरा गांव परेशान हो उठा। कोरोना रिर्पोट के इंतजार में एक एक दिन करते पुरा एक महीना बीत गया लेकिन दोनों युवकों की रिर्पोट आई ही नहीं। कोई उन्हें ये भी बताने वाला नहीं था की उनकी रिर्पोट कब आएगी। यह नहीं दोनों युवकों का 14 दिनों का क्वारेंटाइन पुरा होने के बाद भी दोनों को छोड़ा तक नहीं गया था।
दोनों युवक महाराष्ट्र से 14 जुलाई को वापस गांव लौटे थे। इनमें से एक युवक सूरज हालदार मुंबई और दूसरा युवक सुकांत मंडल नागपुर से लौटा था। दोनों को गांव के क्वारेंटाइन सेंटर में भेज दिया गया। एक सप्ताह सेंटर में रहने के बाद 21 जुलाई को दोनों युवकों का कोरोना जांच के लिए स्वाब सैंपल लिया गया। युवकों को बताया गया एक सप्ताह में जांच रिर्पोट आ जाएगी। यहां तक कहानी ठीक थी लेकिन इसके बाद दोनों युवकों की कोरोना जांच के इंतजार का जो सिलसिला शुरू हुआ तो क्वारेंटाइन सेंटर में बंद दोनों युवक ही नहीं उनका परिवार और पूरा गांव परेशान हो उठा। कोरोना रिर्पोट के इंतजार में एक एक दिन करते पुरा एक महीना बीत गया लेकिन दोनों युवकों की रिर्पोट आई ही नहीं। कोई उन्हें ये भी बताने वाला नहीं था की उनकी रिर्पोट कब आएगी। यह नहीं दोनों युवकों का 14 दिनों का क्वारेंटाइन पुरा होने के बाद भी दोनों को छोड़ा तक नहीं गया था।
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