ट्री-गार्ड का काम समूहों को देना था, बड़े कनेरा में पंचायत ने 1.12 करोड़ का काम खुद ही किया
प्रदेश सरकार ने हरिहर छत्तीसगढ़ के तहत एनएच किनारे लाखों पौधे लगाने का काम वन विभाग को दिया है। वन विभाग व जिला पंचायत ने तय किया था कि पौधों की सुरक्षा के लिए बांस से ट्री-गार्ड तैयार करवाने का काम महिला समूहों को दिया जाएगा, ताकि समूहों को लाॅकडाउन में काम के साथ लाभ भी मिले, लेकिन इस योजना के तहत महिला समूहों को ट्री-गार्ड का काम नहीं दिया गया है। ग्राम बड़े कनेरा के समूहों की महिलाओं ने ग्राम पंचायत व बिहान की बीआरपी पर पर आरोप लगाया है कि एक करोड़ 12 लाख का काम समूहों के नाम पर स्वयं ही करवा दिया है।
महिलाओं ने बताया कि बांस से ट्री-गार्ड बनवाने के नाम पर समूहों के खातों से लाखों रुपए ले लिए गए, लेकिन हमें काम नहीं मिला। एक ट्री-गार्ड 450 रुपए में तैयार किया जाना था, जिसमें समूहों को एक ट्री-गार्ड के पीछे 50 रुपए तक का लाभ मिलता। समूह की महिलाओं ने बताया इस कार्य को वे बड़ी आसानी से कर सकते थे, लेकिन यह काम दूसरे मजदूरों को लगाकर किया गया और हमें मुफ्त में गोठानों में बकरी चराने का काम दिया गया है। बड़ेकनेरा के समूह की महिलाओं ने कहा 25 हजार नग ट्री-गार्ड फारेस्ट को बनाकर देना था, जो 1 करोड़ 12 लाख 50 हजार का होता है, लेकिन कुछ समूहों को मिलाकर समूहों का एक क्लस्टर बनता है। उस खाते में हमेशा लाखों रुपए रहता है, जिसे हमसे यह कहकर मांगा गया है कि इससे सामग्री खरीदी करनी है। शासन से पैसा आएगा तो वापस होगा।
लापरवाही बरतने पर कार्रवाई की जाएगी: सीईओ
इस मामले में डीएफओ उत्तम गुप्ता का कहना है कि हमने समूहों को काम देने को कहा था। जिला पंचायत सीईओ का कहना है कि समूहों काे ट्री-गार्ड बनाने का काम देना था। अगर लापरवाही की गई है तो कार्रवाई की जाएगी। समूह के खाते से किसी और को पैसा देने की जरूरत नहीं है।
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