कर्मचारियों को नहीं मना पाया एनएमडीसी प्रबंधन
नगरनार इस्पात संयंत्र के डीमर्जर और निजीकरण के विरोध के मामले में शुक्रवार को एनएमडीसी प्रबंधन और ऑल इंडिया एनएमडीसी वर्कर्स फेडरेशन के बीच वर्चुअल बैठक हुई। बैठक में हुई चर्चा के बाद फेडरेशन ने डीमर्जर और निजीकरण के विरोध में किए जाने वाले आंदोलन को जारी रखने की घोषणा कर दी है।
प्रबंधन से जुड़े अफसरों ने फेडरेशन के पदाधिकारियों को हर तरह से समझाने का प्रयास करते हुए आंदोलन को टालने की कोशिश की, लेकिन प्रबंधन की दलील सुनने के बाद पदाधिकारियों ने आंदोलन जारी रखने की घोषणा करते हुए आर-पार की लड़ाई का शंखनाद भी कर दिया।
फेडरेशन के पदाधिकारियों ने कहा कि किसी भी दशा में डीमर्जर और निजीकरण नहीं होना चाहिए। अगर ऐसा होता है तो ये भू-प्रभावितों के साथ-साथ मजदूरों और कर्मचारियों के लिए हितकर नहीं होगा। जबकि एनएमडीसी प्रबंधन ने फेडरेशन के सामने डीमर्जर कर प्लांट की कमीशनिंग जल्द शुरू करने की दलील रखी, लेकिन पदाधिकारियों ने इसे सिरे से नकार दिया।
23 सितंबर को सर्वदलीय बैठक में तय होगी आंदोलन की रूपरेखा
अब 23 सितंबर को फेडरेशन एक सर्वदलीय बैठक बुलाएगा और आंदोलन की रूपरेखा तय करते हुए इसके लिए तारीख की घोषणा की जाएगी। बैठक में सीएमडी सुमित देब, डायरेक्टर प्रोडक्शन सतपथी, डायरेक्टर फाइनेंस अमिताभ मुखर्जी, डायरेक्टर कमर्शियल आलोक मेहता, वर्कर्स फेडरेशन के अध्यक्ष आडीसीपी राव, महासचिव एसक्यू जामा, आरडी त्रिपाठी, राजेश संधु, एके सिंह, जी. वेंकट, शंकर राव, आशीष यादव, एनके पटवाल, नगरनार से संतराम सेठिया, प्रभुलाल बघेल, जितेंद्र नाथ, महेंद्र जॉन सहित अन्य मौजूद थे।
एनएमडीसी ने केंद्र के फैसले के लिए साफ किया रास्ता: अध्यक्ष
फेडरेशन के अध्यक्ष आरडीसीपी राव ने कहा कि डीमर्जर और निजीकरण पर चर्चा कर दूसरा रास्ता भी निकाला जा सकता था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया है। एनएमडीसी ने नगरनार इस्पात संयंत्र का डीमर्जर करने का फैसला लेकर केंद्र सरकार के लिए निजीकरण का रास्ता साफ किया गया है। ऐसे में फेडरेशन ने आंदोलन तेज करने का फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि 23 सितंबर को फेडरेशन सर्वदलीय बैठक बुलाएगा, जिसमें आंदोलन की रूपरेखा तय की जाएगी।
डीमर्जर का उद्देश्य निजीकरण बिल्कुल नहीं: सीएमडी
शुक्रवार को हुई वर्चुअल बैठक में एनएमडीसी प्रबंधन के अफसर, फेडरेशन के पदाधिकारी और नगरनार इस्पात संयंत्र के पदाधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान एनएमडीसी के सीएमडी सुमित देब ने कहा कि नगरनार इस्पात संयंत्र के डीमर्जर का उद्देश्य निजीकरण बिल्कुल नहीं है। बल्कि इससे एक अलग कंपनी बनाकर वित्तीय ढांचे को स्थापित करते हुए प्लांट की जल्द से जल्द कमीशनिंग शुरू करना है। इस पर फेडरेशन के अध्यक्ष आरडीसीपी राव ने असहमति जताई और आंदोलन को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया।
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