पोस्टर बांट सरेंडर कराने की कर रहे अपील
पुलिस का लोन वर्राटू अभियान दंतेवाड़ा के अंदरूनी गांवों में जोरों से चल रहा है। दंतेवाड़ा पुलिस, डीआरजी के जवान खुद गांवों में घूम कर वहां नक्सलियों के नामों की सूची बांट रहे हैं। खास बात ये है कि नक्सलियों की घर वापसी के लिए पोस्टर अभियान में जवान तो आगे हैं ही, लेकिन डीआरजी टीम में शामिल नक्सल पीड़ित, सरेंडर नक्सली भी इस अभियान का हिस्सा बने हुए हैं।
महिला कमांडो भी गुमियापाल, चिकपाल, पोटाली जैसे गांवों में जाकर नक्सलियों के परिवार से मिल रही हैं, उन्हें नक्सलियों की सूची देकर मुख्यधारा में जोड़ने की अपील कर रही हैं। डीआरजी टीम में शामिल सरेंडर नक्सली अपने अनुभव भी साझा कर रहे हैं। एसपी डॉ. अभिषेक पल्लव ने बताया कि लोन वर्राटू अभियान को ग्रामीणों का सहयोग मिल रहा है। इस अभियान से प्रभावित होकर नक्सली सरेंडर कर रहे हैं।
जहां अपहरण व हत्या ज्यादा वहां ज्यादा फोकस
इधर लोन वर्राटू अभियान का सबसे ज्यादा फोकस्ड उन गांवों में है जहां अपहरण व हत्या की घटना ज्यादा हुई है। पिछले 6 महीने के अंदर पोटाली, चिकपाल, गुमियापाल इलाके में अपहरण, हत्या की घटना सबसे ज़्यादा हुई है। यहां जवानों की टीम हर दिन पहुंच रही है। नक्सलियों के परिवार, ग्रामीणों से मिलकर उन्हें पोस्टर, नक्सलियों के नाम की सूची बांट रही है। हालांकि इसके अलावा भी अन्य गांवों में इस अभियान के तहत गांव- गांव जवान पहुंच रहे हैं।
जवानों की टीम नक्सल लीडर विनोद के गांव नहाड़ी भी पहुंची। यहां विनोद के रिश्तेदारों को पर्चा बांटकर सरेंडर कराने की अपील की गई। यहां के सरपंच को भी नक्सलियों की सूची दी गई।
नक्सलियों ने लोट वर्राटू को अरेस्ट मुहिम बताया
इधर नक्सलियों ने पर्चा जारी कर लोन वर्राटू अभियान को अवैध गिरफ्तारी कर जेलों में ठूंसने वाला अभियान बताया। एसपी डॉ. अभिषेक पल्लव ने कहा कि लोन वर्राटू सरेंडर प्रोग्राम है। नक्सली आत्मसमर्पण के भय से इसे अरेस्ट कार्यक्रम बताकर जबरन भ्रम फैला रहे हैं।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3irtG62
via IFTTT
No comments