बिना कोचिंग के बीजापुर की प्रभा को सीजीपीएससी में मिली सफलता
मुसीबतों से टूटकर बिखरने से नही बल्कि संघर्ष करके सफलता हासिल करने से निखरने होता है इस बात को बीजापुर की बेटी प्रभा मांझी ने अपने अटल इरादे से चरितार्थ करके दिखाया है। बीजापुर में प्रयोगशाला तकनीशियन के तौर पर सरकारी स्कूल में कार्य कर रही प्रभा मांझी ने सीजीपीएससी की ग्रन्थपाल की परीक्षा में सफलता पाकर चयनित हुई है। यह पद उच्च शिक्षा विभाग में राजपत्रित अधिकारी का है। प्रभा ने यह सफलता किसी निजी कोचिंग संस्था में पढ़ाई के बगैर हासिल किया है। प्रभा ने प्रायमरी स्कूल से लेकर ग्रेजुएशन तक की पढ़ाई हिंदी माध्यम से की थी।
प्रभा ने बताया अंग्रेजी माध्यम में पढ़ने के लिए बहुत समय एवं मेहनत की जरूरत थी। घर के काम-काज और ऑफिस के कार्य से समय निकाल कर रात के समय पढ़ना होता था यह मेरे जीवन का महत्वपूर्ण क्षण था जिसमे मुझे बहुत कुछ सीखने मिला और समय की कीमत भी पता चला। बिना कोचिंग के सब इंस्पेक्टर के मेन्स परीक्षा में एवं मत्स्य निरीक्षक की प्रतियोगी परीक्षा में प्रभा को असफलता ही हाथ लगी फिर भी इससे सीख लेते हुए आज उच्च शिक्षा विभाग के ग्रन्थपाल पद को हासिल किया। छत्तीसगढ़ लोकसेवा आयोग सीजीपीएससी ग्रन्थपाल उच्च शिक्षा विभाग में 56 पद के लिए किया गया था।
सफलता पाने के लिए ललक होना जरूरी
प्रभा का कहना है कि यदि हमारे मन में इच्छा शक्ति व कुछ करने की ललक हो तो अनेक चुनौतियों के बावजूद भी सफलता हासिल की जा सकती है। बस्तर विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष एवं बीजापुर विधायक विक्रम शाह मंडावी ने क्षेत्र का नाम रोशन करने के लिए प्रभा की तारीफ करते हुए कहा कि बीजापुर क्षेत्र से छात्र-छात्राएं लगातार पढ़ाई और अन्य क्षेत्रों में सफलता हासिल कर रहे हैं यह हमारे लिए गौरव की बात है। हमारा पूरा प्रयास रहेगा कि प्रभा जैसे छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहित करें जिससे यह लोग सफलता हासिल कर हमारे क्षेत्र को और अधिक गौरवान्वित करें।
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