पिछले 12 दिन में सौ से ज्यादा होम आइसोलेट संक्रमित पहुंचे मेकॉज
कोरोना पॉजिटिव होने के बाद अब ज्यादातर मरीजों को होम आइसोलेशन की सुविधा दी जा रही है लेकिन अब यही सुविधा डाॅक्टरों के लिए परेशानी का सबब बन गई है। पिछले 12 दिन में 100 से ज्यादा होम आइसोलेट मरीज मेकॉज पहुंच चुके हैं जिनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ चुकी थी। इनमें से दो की तो मौत भी हो चुकी है।
दरअसल मेकॉज में हर दिन गंभीर अवस्था में ऐसे कोरोना पॉजिटिव मरीज हॉस्पिटल आ रहे हैं जो पॉजिटिव होने के बाद पहले तो होम आइसोलेशन में चले गये थे लेकिन बाद में उनकी सेहत बिगड़ने लगी। जो लोग होम आइसोलेशन में इलाज ले रहे हैं उनमें जिनकी सेहत बिगड़ी रही है उनमें से ज्यादातर को सांस लेने में तकलीफ, ऑक्सीजन लेवल कम होने की शिकायत रहती है। मरीज को तत्काल ऑक्सीजन दिया जाता है जिससे मरीज और भी घबरा जाता है।
जगदलपुर में मिले 84 नए मरीज नारायणपुर से सिर्फ 12 नए केस
बुधवार को बस्तर जिले में कोरोना के 84 नए मरीज मिले हैं। अब तक जिले में कुल 6513 पॉजिटिव मरीज मिले हैं। इनमें 5468 ठीक हो चुके हैं, जबकि अभी भी 1123 लोग एक्टिव मरीज हैं। कुल 4003 लोगों को होम आइसोलेशन में रखा जा चुका है। इधर बुधवार को सबसे कम 12 मरीज नारायणपुर से मिले। बीजापुर में 26, कोंडागांव 58, दंतेवाड़ा में 49 नए मरीज मिले हैं।
तबीयत बिगड़ने पर आइसोलेशन सेंटर से भी 121 लोगों को करना पड़ा रेफर
इधर पॉजिटिव होने के बाद बिना लक्षण वाले मरीजों को होम आइसोलेशन के अलावा आइसोलेशन सेंटरों में भी रखा जा रहा है। अभी ऐसे मरीजों के लिए धरमपुरा और बकावंड में सेंटर बनाए गए हैं। इन सेंटरों में भी अचानक सेहत बिगड़ने के बाद करीब 121 मरीजों को हॉस्पिटल रेफर करना पड़ा है। इनमें 98 मरीज तो सिर्फ धरमपुरा आइसोलेशन सेंटर के हैं जबकि 23 बकावंड सेंटर के हैं।
हॉस्पिटल जाने से बचने के लिए होम आइसोलेट हो जाते हैं कई मरीज, बाद में बिगड़ रही तबीयत
डाॅक्टरों ने बताया कि ऐसे जितने भी मरीज सामने आए हैं उनकी सेहत पहले से ही खराब रहती है लेकिन हॉस्पिटल जाने से बचने के लिए वे होम आइसोलेशन की सुविधा ले लेते हैं और घर पर ही दवा लेते हैं। इसी बीच धीरे-धीरे सेहत बिगड़ती है और फिर गंभीर अवस्था में हॉस्पिटल पहुंचते हैं। इसके अलावा होम आइसोलेशन में रहने के दौरान ही दो लोगों की मौत घर पर हो चुकी है। मेकॉज के कोविड प्रभारी डॉ नवीन दुल्हानी ने बताया कि होम आइसोलेशन में रहने वाले कई मरीज इलाज के लिए मेकॉज आ रहे हैं उन्होंने लोगों से अपील की है कि जरा सी भी सेहत बिगड़ने पर वे तत्काल हॉस्पिटल का रूख करें। बीमारी के ठीक होने का इंतजार न करें।
अपील: सेहत बिगड़ने पर तुरंत पहुंचे हॉस्पिटल
होम आइसोलेशन में रहने के बाद जिन मरीजों की सेहत बिगड़ती है और फिर उन्हें हॉस्पिटल से शिफ्ट करना पड़ता है ऐसे मरीजों की संख्या पिछले 12 दिन से हर रोज औसत 10 से 12 है। करीब ऐसे सौ से ज्यादा मरीज हैं जो होम आइसोलेशन की सुविधा लेने के बाद गंभीर अवस्था में मेकॉज इलाज के लिए पहुंचे हैं।
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