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पिछले साल नवरात्र में हर दिन बिकते थे 5 क्विंटल फूल, इस साल क्विंटलभर नहीं

कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए जिला प्रशासन ने इन दिनों मंदिरों में आम श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक लगा दी है वहीं समितियों ने दुर्गा प्रतिमा की स्थापना नहीं की है। इसका सबसे ज्यादा असर फूल की फसल लेने वाले किसान और व्यापारियों पर पड़ा है। इन फूलों को लगाने वालों और बेचने वालों की जिंदगी से खुशबू गायब हो रही है। ज्ञात हो कि बस्तर जिले में हर साल क्वार नवरात्र में करीब 150 दुर्गा प्रतिमाएं स्थापित होती थीं और मंदिरों में श्रद्धालुओं के जाने से जिले में इसकी खपत बड़े पैमाने पर होती थी लेकिन इस साल ऐसा नहीं हो रहा है।
फूल व्यवसायी रमेश कश्यप ने कहा कि पिछले साल क्वार नवरात्र में करीब हर दिन 5 क्विंटल से ज्यादा फूल की खपत होती थी जो इस साल कम होकर एक क्विंटल से भी कम हो गई है। जिसका खामियाजा व्यापारियों और किसानों को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि इस समय बस्तर जिले में कोलचूर के किसानों ने गेंदा और अन्य फूलों की खेती की है लेकिन रेट कम होने से वे भी परेशान हैं। कश्यप ने कहा कि यही रेट रहा तो किसानों को मजदूरी देना भारी पड़ेगा।

मंदिर बंद होने का बिक्री पर सबसे ज्यादा असर
नवरात्रि के 9 दिनों में और शादियों में फूल व्यापारी बड़ी मात्रा में कारोबार करते थे जिसमें फूलों की अच्छी खासी खपत हो जाती थी, लेकिन कोरोना के कारण जहां समितियों ने इस साल प्रतिमा विराजने के लिए बनाए गए कड़े नियमों के चलते दुर्गा प्रतिमा स्थापित नहीं की तो वहीं दूसरी ओर मंदिरों के पट बंद किए जाने से फूलों की खपत काफी कम हो गई है।

कोलकाता के गेंदा फूल लोकल पर पड़ रहे भारी
नवरात्र में इस समय बाजार में बिक रहे फूलों में कोलकाता के साथ ही स्थानीय गेंदा के फूल हैं। इसमें कोलकाता के फूल लोकल फूल पर भारी पड़ रहे हैं। जानकारी के मुताबिक जहां कोलकाता का फूल इस समय 40 तो वहीं लोकल 30 रुपए किलो में बिक रहा है। फूल व्यापारियों ने बताया कि कोलकाता से आने वाले फूल की क्वालिटी लोकल गेंदा के फूल से अच्छी है जिसके चलते इसकी मांग अधिक है। इसे कम से कम तीन से चार दिन तक सुरक्षित रखा जाता है वहीं लोकल फूल दो दिन में ही खराब हो जाता है। इसके अलावा इसकी मांग काफी कम होती है लोग पूजा करने के लिए कोलकाता के फूलों की मांग ज्यादा करते हैें।



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Last year, 5 quintals of flowers were sold every day in Navratri, not a quintal this year


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