संभाग में पहली बार पीएचसी पर मिलेगी विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवाएं, सप्ताह में दो दिन टेली कंसल्टेशन की सुविधा
पूर्व मंत्री व सांगोद से कांग्रेस विधायक भरत सिंह के गांव कुंदनपुर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) पर अब विशेषज्ञ सेवाएं मिलेंगी। इस पीएचसी को कोटा मेडिकल कॉलेज के अधीन कर दिया है।
12 अक्टूबर से इस पीएचसी का विधिवत संचालन मेडिकल कॉलेज संभालने जा रहा है। इससे पूर्व जरूरी तैयारियां कर ली हैं, मेडिकल कॉलेज के पीएसएम विभाग की टीम ने कुंदनपुर जाकर भवन, लैब, आवास संबंधी व्यवस्थाएं देखी हैं। संभवत: पूरे संभाग में यह पहली पीएचसी होगी, जहां मेडिसिन, गायनी, ऑर्थोपेडिक व सर्जरी विशेषज्ञों की नियमित सेवाएं मिल पाएगी।
सप्ताह में दो दिन बैठेंगे एक्सपर्ट, छोटे ऑोपरेशन भी यहीं होंगे
मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. विजय सरदाना ने बताया कि सप्ताह में दो बार वहां चारों प्रमुख स्पेशियलिटी के डॉक्टर ओपीडी चलाएंगे। इनमें गायनी, सर्जरी, ऑर्थो व मेडिसिन के एक्सपर्ट शामिल किए गए हैं। ये चारों विशेषज्ञ सोमवार व गुरुवार को कुंदनपुर में मरीज देखेंगे। इनका ड्यूटी रोस्टर मेडिकल कॉलेज से बनेगा। वहीं, बुधवार व शनिवार को टेली कंसल्टेशन दिया जाएगा। इसके लिए वहां के स्थानीय डॉक्टर को भी सामान्य प्रशिक्षण देंगे। साल में दो बार बड़े सुपर स्पेशियलिटी कैंप करेंगे, जिसमें उन सभी स्पेशियलिटी के डॉक्टर रहेंगे, जो कोटा मेडिकल कॉलेज में उपलब्ध है। ये कैंप हर साल होली और दिवाली से पहले या बाद में किए जाएंगे।
मॉडल पीएचसी बनाएंगे : प्रिंसिपल डॉ. सरदाना ने बताया कि हमने अपनी जरूरतों से स्थानीय विधायक को अवगत करा दिया है, वे सरकार या अपने फंड से जरूरी संसाधन मुहैया कराएंगे। इसके लिए हमने एक एक्सरे मशीन, एक ईसीजी मशीन, एक सेमी ऑटो एनालाइजर और एक माइनर ऑपरेशन थिएटर बनाने को कहा है, ताकि छुटपुट प्रोसिजर वहां किए जा सकें। एक सेमिनार रूम भी वहां बनाएंगे, ताकि लोगों को समय-समय पर बीमारियों के प्रति जागरूक करते रहें। हम चाहते हैं कि इतनी शानदार बिल्डिंग है, उसका उपयोग हो और इसे पूरे संभाग में मॉडल पीएचसी बनाएं।
आसपास के लोगों को भी मिलेगा लाभ : भरत सिंह
सांगोद विधायक भरत सिंह ने भास्कर को बताया कि कुंदनपुर में पहले सब सेंटर हुआ करता था। पिछली कांग्रेस सरकार में तत्कालीन चिकित्सा मंत्री दुर्रू मियां ने इसे पीएचसी में क्रमोन्नत किया। जगह की कमी की बात आई तो कुछ जमीन हमने भी दी। वहां एक आयुर्वेद औषधालय चलता है, उसे दूसरी जगह शिफ्ट कर देंगे, ताकि पीएचसी के लिए पर्याप्त कमरे उपलब्ध हो जाएं। बाकी पूरी बिल्डिंग में कोई कमी नहीं है। लोग भी पूरा सहयोग करेंगे। मैं चाहता हूं कि यहां विशेषज्ञ सेवाएं मिलने से आसपास के गांवों के लोगों को भी लाभ मिलेगा।
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