कृषि कानूनों को रद्द कराने की मांग को लेकर किसानों का रेल रोको आंदोलन जारी, बोले- सरकारी खरीद जारी रखने का कानून किया जाए पास
कृषि विधेयकों को रद्द कराने का पक्का इरादा किए किसानों का गुरदासपुर रेलवे स्टेशन पटरियों में रेल रोको आंदोलन गुरुवार को 8वें दिन को प्रवेश कर गया। संघर्ष की अगवाई पलविंदर सिंह मठोला, मक्खन सिंह पटवारी, तरलोक सिंह बहरामपुर, जसबीर सिंह कत्तोवाल, जगतार सिंह खैहरा, बाबा कंवलजीत पिंडोरी और संदीप सिंह पर आधारित गठित प्रधानगी मंडल ने की।
रघुबीर सिंह पकीवां, सतबीर सिंह सुल्तानी, गुरविंदर सिंह रंधावा, बलविंदर सिंह, गुलजार सिंह, सुबेग सिंह, बलबीर सिंह रंधावा, मलूक सिंह और डॉ. अनूप सिंह ने कहा कि पीएम मोदी की अगवाई में केंद्र सरकार देश भर के किसानों/मजदूरों के हितों की अनदेखी कर रही है। सरकार निजीकरण नीति को तेज करते हुए देसी/विदेशी कॉर्पोरेट कंपनियों के हाथों सरकारी/सहकारी सार्वजनिक अदारों का भोग डालकर निजी कंपनियों को कौड़ियों के दाम बेच रही है।
उन्होंने कहा कि कानून लागू होने से किसान/मजदूर जमीनों से वंचित हो जाएंगे और इन जमीनों पर निजी कंपनियां व कॉर्पोरेट अदारों का कब्जा हो जाएगा। नेताओं ने ऐलान किया कि पास किए खेती कानूनों को हर स्थिति में रद्द कराने के लिए किसान आर-पार की लड़ाई जारी रखेंगे।
अंत में उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि न्यूनतम समर्थन मूल्य और सरकारी खरीद जारी रखने का कानून पास किया जाए। इसके अलावा किसानों का सारा कर्ज माफ किया जाए।
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