ग्रामीणों को बताई नक्सलियों की हकीकत
सुकमा जिले में चलाए जा रहे तेदमुंता बस्तर अभियान के तहत दोरनापाल पुलिस शनिवार को अचानक नक्सल प्रभावित गांव बोड़ीगुड़ा गांव पहुंची। ग्रामीणों को एकत्र कर जन चौपाल लगाई। जहां पर ग्रामीणों को नक्सलियों की हकीकत और उनके द्वारा किए जाने वाले कार्यों के बारे में बताया।
एसडीओपी अखिलेश कौशिक, थाना प्रभारी सुरेश जांगड़े और सब इंस्पेक्टर संदीप सिंह ने ग्रामीणों से कहा कि गांव में सड़क से लेकर बिजली और स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिलने का सबसे बड़ा कारण नक्सली हैं। नक्सली उन्हें यह सुविधा मिले यह नहीं चाहते हैं। इसलिए वे बार-बार सड़कों को काटने के साथ ही बिजली के खंभे भी गिरा रहे हैं। इलाज गांव के हास्पिटल में इसके लिए गांव में हास्पिटल खोलने, इसके संचालन में बाधा डालते हैं। जिसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।
काफी देर के बाद समझे कि कोई नक्सली नहीं, जवान हैं
नक्सलियों की तर्ज पर गांव में पहुंचने के बाद चौपाल लगाए जाने को लेकर ग्रामीण काफी देर तक परेशान रहे। ग्रामीण यह समझ हीं नहीं पा रहे थे कि उनके सामने बैठे लोग जवान हैं या पुलिस। करीब आधे घंटे के बाद जब एसडीओ पी ने उन्हें बताया कि वे पुलिस वाले हैं और आपकी समस्या को दूर करने के लिए आए हैं । जिसके बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली और पुलिस विभाग के अधिकारियों के सामने अपनी समस्याएं रखी। जिसे अधिकारियों ने जल्द से जल्द दूर करने की बात कही।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/31mrNBf
via IFTTT
No comments