छात्रों का रिकार्ड रहेगा डिजिलॉकर पोर्टल में
कॉलेज में प्रवेश लेने वाले नियमित, स्वाध्यायी अथवा भूतपूर्व छात्रों का पूरा रिकार्ड यूनिवर्सिटी के डिजिलॉकर में रहेगा। बशर्ते उन्हें सभी चाही गई जानकारी प्रमाणिकता के साथ पंजीयन कराना होगा। पंजीयन का कार्य सभी कॉलेज अपने यहां के छात्रों का करेंगे। इसका फायदा यह होगा कि छात्रों को जब कभी भी कोई भी कागजात यूनिवर्सिटी से चाहिए होगा, वह बड़ी आसानी से ऑनलाइन प्राप्त कर सकेंगे।
वैसे तो यूनिवर्सिटी के पास अभी भी सभी छात्रों का रिकार्ड रहता है, लेकिन डिजिलॉकर से कागजी कार्रवाई कम हो जाएगी। इस संबंध में अटल बिहारी वाजपेयी यूनिवर्सिटी के कुलसचिव डॉ. सुधीर शर्मा ने सभी संबद्ध कॉलेजों के प्राचार्यों को पत्र जारी कर डिजिलॉकर पोर्टल पर छात्राें का पंजीयन कराने को कहा है। इसमें कहा गया है कि भारत सरकार द्वारा संचालित ऑनलाइन पोर्टल माध्यम से विभिन्न संस्थाओं द्वारा जारी करने वाले कागजातों को ऑनलाइन माध्यम से संग्रहित करने, प्रमाणीकरण व आवश्यकतानुसार गोपनीय प्रमाणीकरण की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसका उपयोग छात्रों द्वारा उनके स्वयं के कागजातों को संग्रहित करने और भौतिक कागजात उपलब्ध नहीं होने के कारण आने वाली समस्याओं को दूर करने किया जा सकता है। इसके लिए एक फार्मेट भी दिया है, जिसमें कॉलेज का नाम, कॉलेज का कोड, कुल अध्ययनरत छात्रों की संख्या, डिजिलॉकर पर पंजीकृत छात्रों की संख्या दर्ज करते हुए 25 दिसंबर तक भेजना होगा।
क्या है डिजिलॉकर
ऑनलाइन कागजात भंडारण की सुविधा है। डिजिटल लॉकर का उद्देश्य भौतिक कागजातों के उपयोग को कम करना और एजेंसियों के बीच में ई-दस्तावेजों के आदान-प्रदान को सक्षम करना है। इस पोर्टल की मदद से ई-दस्तावेजों का आदान-प्रदान पंजीकृत कोष के माध्यम से किया जाएगा, जिससे ऑनलाइन कागजातों की प्रमाणिकता सुनिश्चित रहेगी।
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