105 कराेड़ रु. का धान खरीदा पर उठाव नहीं, बोरियों की छल्लियाें से समितियां पैक
1 दिसंबर से जिले में धान खरीदी शुरू हो गई है। सप्ताह में 5 दिन खरीदी व त्याेहारी छुटि्टयों के कारण 24 दिसंबर तक 17 दिन धान खरीदी हो चुकी है। इन 17 दिनों में जिले में 105 करोड़ रुपए की धान खरीदी की जा चुकी है। खरीदी केन्द्रों में आवक बढ़ रही है लेकिन मिलरों द्वारा समय पर उठाव नहीं किया जा रहा है। जिले में अब तक 42 हजार 11 मीट्रिक टन धान खरीदा जा चुका है, वहीं उठाव सिर्फ 6 हजार 846मीट्रिक टन ही हो पाया है। ऐसी स्थिति में समितियों में धान की बोरियों की छल्लियां लग गई हैं। इस सप्ताह शुक्रवार को क्रिसमस की छुट्टी, शनिवार व रविवार को खरीदी बंद होने से लगातार तीन दिन समिति संचालकों को राहत मिली है। उम्मीद की जा रही है कि इन तीन दिनों में उठाव हो जाए, ताकि जो नए किसान धान लेकर पहुंचेंगे उसे रखने की जगह खरीदी केन्द्रों में हो। यदि अगले दाे दिन में उठाव नहीं हो पाता है, तो सोमवार से कई खरीदी केन्द्रों में खरीदी प्रभावित हो सकती है।
जिले के 30 धान खरीदी केन्द्रों में किसानों से धान खरीदी की जा रही है। किसानों की सुविधा को देखते हुए छोटे किसानों का पहले टोकन काटकर धान खरीदी की जा रही है। खाद्य अधिकारी जीएस कंवर ने बताया कि जशपुर जिले में बारदाने की प्राप्त उपलब्धता है और उचित मूल्य दुकानों के माध्यम से बारदाने का उठाव करके सोसायटी में जमा किया जा रहा है। जिले में 22392 पंजीकृत है। कुल रकबा हैक्टेयर में 44567.82 है। अब तक पंजीकृत पंजीकृत कृषकों में से 8896 किसानों द्वारा धान बेचा गया है जिसमे 5655 लघु एवं सीमांत कृषक है।
अब तक धान खरीदी केन्द्रों में कुल 17 दिवसों में जिले के किसानों से खरीदी हो चुकी है। 42011.48 मीट्रिक टन धान खरीदी हो चुकी है। मिलरों को 1192.90 मीट्रिक टन का डीओ जारी किया गया है और धान उठाव के लिए लगातार डीओ काटा जा रहा है।
डीओ जारी की प्रक्रिया लंबी
विभाग द्वारा राइस मिलरों को पंजीयन एवं मीलिंग की अनुमति जारी होती है। अनुमति मिलने उपरांत डीएमओ कार्यालय से अनुबद्ध बीजी जमा होता है। बीजी जमा कर चुके मिलर्स लाॅगिंन से डीओ रिक्वेस्ट डालते है। एनआईसी से खरीदी केन्द्र बफर लिमिट एवं दूरी के आधार पर आटोमैटिक डीओ जनरेट होता है और डीएमओ कार्यालय से डीएससी होता है और मिलर्स डीओ अनुसार धान का उठाव करते है। समिति एप से डीओ के क्यूआर कोड को स्कैन करता है और फोटो लेता है और परिदान के बाद गाड़ी का फोटो खींचता है। मिलर्स मिल पहुंचने पर मिलर्स फोटो लेता है।
40%ने बेचा धान, खरीदी के लिए बचे हैं 24 दिन
आज तक जिले के 40 प्रतिशत किसानों द्वारा धान बेचा जा चुका है। कृषकों से शेष बचे 24 दिनों में खरीदी पूर्ण कर ली जाएगी। जिले के धान खरीदी केेन्द्रों में 427960 बारदाने की उपलब्धता है। जिले में लघु एंव सीमांत कृषकों की संख्या 14524 है। खाद्य अधिकारी ने बताया कि किसान जिसका पीएफएमएस द्वारा भुगतान की पुष्टि हुई 5267 किसानों के खाते में 45.90 करोड़ राशि दिया गया है। मिलिंग के पश्चात नागरिक आपूर्ति निगम में सीएमआर (कस्टम मिलिंग राइस) जमा होना चालू हो गया है।
किस केन्द्र में कितने किसान पंजीकृत
उपार्जन केन्द्र आरा में पंजीकृत किसानों की संख्या 116, आस्ता में 345, कुनकुरी में 1086, गौरिया में 285, कोरंगा, 987, साहीडांड में 591, केराकछार में 483, कांसाबेल में 1439, शब्दमुण्डा में 461, किलकिला में 1133, कोनपारा में 3, कोतबा में 1216, जामझोर में 324, गंझियाडीह में 1488, गम्हरिया में 683, घरजियाबथान में 839, चांेगरीबहार में 701, तपकरा में 636, भगौरा में 678, तमता में 617, दुलदुला में 958, नारायणपुर में 546, पण्ड्रापाठ में 442, पत्थलगांव में 1336, बगीचा में 1434 है।
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