धान के साथ 15 रु. में बारदाने भी बेच सकेंगे किसान, खरीदी बंद न हो इसलिए ऐसा निर्णय
जिले के 126 केंद्रों में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी जारी है। अब किसानों के बारदाने से धान की खरीदी होगी। समिति के माध्यम से ही बारदाने मिलने के बाद जो किसान धान बेचने के लिए केंद्र पहुंचते थे, उनसे ही बारदाने की मांग की जाएगी। शासन से निर्देश आने का हवाला देकर अब समितियों के माध्यम से किसानों को सूचना दी जा रही है कि आप बारदाने भी बेच सकते हैं, प्रत्येक बारदाने के एवज में 15 रुपए मिलेगा। प्रत्येक बारदाने के एवज में 7 रुपए का भुगतान तत्काल किया जाएगा फिर बाद में 8 रुपए और मिलेगा।
बारदाने की कमी से खरीदी प्रभावित न हो इसलिए शासन ने यह निर्णय लिया है। जिसका पालन जिले में भी होने की बात अफसर व समिति प्रबंधक, अध्यक्ष कह रहे हैं। हालांकि किसानों की सहमति जरूरी है। जिसके बाद ही ऐसा किया जाएगा। किसान होरीलाल, सूर्यनारायण ने बताया कि एक बारदाने को 40 से 50 रुपए में खरीदे हैं। जिसे शासन के आदेश का हवाला देकर समिति वाले 15 रुपए मंे मांग रहे हैं।
40 केन्द्रों में पहुंचे 2.05 लाख बारदाने
डीएमओ शशांक सिंह ने बताया कि जिले के 40 से ज्यादा खरीदी केंद्रों में धान को रखने के लिए प्लास्टिक बारदाने भेजे गए हैं। 2 लाख 5 हजार प्लास्टिक बारदाने वाहनों के माध्यम से पहुंचा है। जूट की तरह प्लास्टिक के एक बारदाने में 40 किलो धान रख सकेंगे। अभी जूट और प्लास्टिक बारदाने आ ही रहे हैं। वैकल्पिक व्यवस्था भी बना रहे हैं, ताकि धान खरीदी चलती रहे। फिलहाल प्लास्टिक बारदाने पहुंचने के बाद खरीदी प्रभावित नहीं होगी।
किसान प्लास्टिक बारदाने के भरोसे
सेवा सहकारी समिति संघ के जिलाध्यक्ष ठाकुरराम चंद्राकर ने कहा कि किसानों के पास भी जूट बारदाने की कमी है। प्लास्टिक बारदाने ज्यादा है। बारदाने से खरीदी के संबंध में आदेश जारी किया गया है, लेकिन प्रभाव पड़ेगा ही क्योंकि अधिकतर किसान यूरिया, डीएपी खाद के लिए उपयोग प्लास्टिक बारदाने का उपयोग कर रहे हैं। इसलिए वे भी समिति से मिलने वाले बारदाने के भरोसे हैं। कई किसान कह रहे हैं कि बारदाने बेचेंगे तो नुकसान होगा।
सिर्री से की गई बारदाने की व्यवस्था
तिलोदा केंद्र में खरीदी बंद होने के बाद सिर्री केंद्र के बारदाने का उपयोग किया गया। इसके बाद बुधवार को खरीदी चालू हो पाई। गुरुवार को क्या स्थिति रहेगी इस पर संशय है, ऐसा सेवा सहकारी समिति के अध्यक्ष ठाकुरराम कह रहे हैं। बारदाने के अभाव में गोरकापार में भी खरीदी बंद होने की कगार पर है। अधिकतर सोसायटियों में एक-दो दिन के लिए ही बारदाने उपलब्ध है। धान उठाव नहीं हो रहा है। कुल 22 लाख क्विंटल से ज्यादा खरीदी हो चुकी है।
केंद्रों में चस्पा की सूचना
कई केंद्रों में सूचना चस्पा की गई है कि जिसमें शासन का हवाला देकर किसानों को धान ब्रिकी के लिए कुल खरीदी का 30 प्रतिशत जूट बारदाने उपलब्ध कराएं। सेवा सहकारी समिति के अध्यक्ष भी किसानों से बारदाने की मांग कर रहे हैं, ताकि खरीदी प्रभावित न हो। डीएमओ शशांक सिंह ने कहा कि बारदाने की कमी न हो इसलिए शासन स्तर से व्यवस्था बनाई गई है। इसके लिए समिति वाले किसानों से सहमति ले रहे हैं।
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